सरकार उठायेगी शहीद के बच्चों का खर्च


पटौदी: असम के तिनसुकिया जिले के डिगबोई में उल्फा आतंकवादियों द्वारा 19 नवम्बर को घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए पटौदी के ग्राम भोड़ाकलां निवासी हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान के परिजनों के लिए सरकार ने धनराशी जारी कर दी है। इससे शहीद के परिजन एवं ग्रामीण सरकार से संतुष्ट हैं। उल्लेखनीय है कि भोड़ाकलां ग्राम की भीमसी पट्टी के रहने वाला तथा 15 कुमांऊ रैजीमैंट का हवलदार ऋषिपाल सिंह चौहान गश्त के दोरान 19 नवम्बर 2016 को तिनुकिया के डिगबोई में उल्फा-आई एवं एनएससीएन के आतंकवादियों के हमले में शहीद हो गए था। उनकी याहादत के बाद उनके निवास पर आए राज्य के शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने घोषणा की थी कि शहीद के परिवार को भी सांपला के शहीद के समान धनराशी तथा अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। ग्राम के विद्यालय का नाम शहीद के नाम पर कर कन्या विद्यालय का दर्जा बढ़ाया जाएगा तथा शहीद के बच्चों का खर्च सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री तथा राव इंद्रजीत सिंह ने भी आश्वासन दिया था कि वे प्रयास करेंगे कि सरकार कश्मीर के शहीद तथा आसाम के शहीद में भेद न कर शहीद के परिवार को समान सुविधाएं तथा धनराशी दे। अब सरकार ने उक्त घटना को बैटल कैज़ूलिटी मानते हुए समस्त सुविधाएं देने की घोषणा कर दी है। शहीद के भाई प्रेमपाल सिंह चौहान के अनुसार केंद्र सरकार से पैतीस लाख तथा ग्रेच्यूटी के लगभग दस लाख रूपय आने के पत्र मिल गए हैं। इसी प्रकार हरियाणा सरकार का भी पचास लाख रूपय देने का पत्र आ गया है। इनमें से 25 लाख रूपय शहीद की पत्नी लक्ष्मी देवी को तथा 25 लाख रूपय शहीद की माता लीला देवी को मिलेंगे। जिला सैनिक बोर्ड ने इसके लिए उनसे खाता नम्बर मांग लिए हैं।

शिक्षा मंत्री ने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की थी परंतु इस बारे में कुछ नहीं किया गया है अलबत्ता शहीद के बच्चे भोड़ाकलां के श्री राम स्कूल में पढ़ रहे हैं तथा स्कूल संचालक उनसे फीस नहीं ले रहे हैं। शहीद की बड़ी बेटी पूजा ने श्री राम स्कूल से 12 वीं कक्षा पास कर ली है तथा अब उसका मन डीएड करने का है। बड़ा बेटा अतुल गयारहवीं कक्षा में तो छोटा बेटा ऋषभ छटी कक्षा में पढ़ रहा है। इधर सरपंच यजुवेंद्र गोगली ने बताया कि सरकार ने ग्राम पंचायत से स्कूल का नाम शहीद के नाम पर करने के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव मांगा था ग्राम पंचायत ने सहर्ष प्रस्ताव पास कर उपायुक्त तथा जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिया था परंतु अभी तक स्कूल का नाम शहीद के नाम करने के पत्र नहीं मिला है। शहीद स्मारक के लिए भी यद्यपि ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पास कर 300 गज भूमि शहीद स्मारक के लिए देने का प्रस्ताव पास कर दिया है।

(अदलखा)