साइबर सिटी में सरेआम बंट रहा है ‘कैंसर’


गुरुग्राम: साइबर सिटी में रात-दिन चल रहे मुख्यमंत्री के उडऩदस्ते और सीआईडी के छापे ने बुधवार को कई बड़े खुलासे कर दिए है जिसमें कार्बोनेट की एक ग्राम की मात्रा भी शरीर के अंदर जाएगी तो कैंसर हो जाएगा। लेकिन यहां तो शहर में आम की पेटियों के अंदर कार्बोनेट की बड़ी खेप मिली है। डाक्टरों का कहना है कि यहां पर कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। आप भी सावधान हो जाइए, चौंकिए नहीं। यहां का माफिया नकली दूध, नकली खोआ, नकली पनीर बाजार में बिकवा रहा है। इसका भांडाफोड़ भी आज मुख्यमंत्री के उडऩदस्ते की टीम ने कर दिया। मुख्यमंत्री उडऩदस्ते के डीएसपी जितेंद्र गहलोत और सीआईडी के डीएसपी हितेष यादव की टीम ने आज दूसरे दिन भी माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखा। हालांकि सीएम उडऩदस्ते की टीम पर मारपीट कर सरकारी काम में बाधा डालने का मामला राजेंद्र पार्क थाने में टैंकर माफिया के खिलाफ दर्ज किया है। लेकिन फिर भी टीम जुटी रही है।

बुधवार को सीआईडी के डीएसपी हितेष यादव की टीम ने लगातार बिजली चोरी का भांडाफोड़ किया है, किस प्रकार बिजली अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं और करोड़ों की बिजली चोरी हो रही है। अभी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि बिजली विभाग का कौन-कौन अधिकारी मिला है, यह तो जांच का विषय है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री उडऩदस्ते की टीम के डीएसपी के नेतृत्व में जो छापेमारी हुई है उसमें 180 किलो नकली खोआ, 120 किलो नकली दूध जो यूरिया से बनाया जाता है के अलावा 250 किलो नकली पनीर की खेप बड़े पैमाने पर मिली है। इसके अलावा आम की पेटियां भी बरामद की है जिनमें कार्बोनेट का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है। इस बात का खुलासा भी आज डाक्टरों की टीम ने कर दिया।

यदि आप साइबर सिटी में रहते हैं तो सावधान हो जाइए, चौकिए नहीं क्योंकि यहां पर कैंसर आम के रूप में लोग अपने थैले में भरकर ले जा रहे हैं। आमों की पेटियों में कार्बोनेट का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है, इस बात का मुख्यमंत्री उडऩदस्ते की टीम के साथ आए डाक्टरों ने खुलासा किया है। हालांकि कई हैदराबाद, बैंगलौर, पुना में के अलावा अन्य प्रदेशों में कार्बोनेट पर पूर्णत: पाबंदी लगाई हुई है। यदि ऐसा कोई मामला मिलता है तो वहां पर दहशतर्गद का मामला दर्ज करने की सिफारिश राज्य सरकार करती है। साफतौर पर है कि यह देशद्रोह से कम नहीं है।

– सतबीर भारद्वाज