बिजली की कटौती के खिलाफ जनता लामबंद


ग्रामीणों को 24 में से मात्र 6 घंटे ही मिल रही है बिजली

नांगल चौधरी: नांगल चौधरी संभाग में प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति करने के दावे पूर्ण रूप से खोखले साबित हो रहे हैं। कस्बा नांगल चौधरी ही नहीं अपितू ग्रामीण क्षेत्र के अनेक गांव पिछले कई दिनों से बिजली न होने से अंधेरे में डूबे हुए हैं। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से 24 घंटों में से केवल 5-6 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है, वो भी लंबे-लंबे कटों व कम वोल्टेज के साथ।

अभूतपूर्व अघोषित बिजली कटों के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। बिजली न होने से गांवों में पेयजल समस्या गंभीर बनी हुई है। वहीं विद्यार्थी वर्ग भी इस समस्या से नहीं बच पाया है। बिजली के नियमित रूप से न आने से मायूस लोग सरकार को इस व्यवस्था के लिए दोषारोपित कर रहे थे, लेकिन अब उनका धर्य जवाब देता दिख रहा है। परेशान जनता इस मुद्दे पर लामबंध होकर सड़कों पर उतरने की योजना बना रही है।

ग्रामीण क्षेत्र में तो स्थित हुई विस्फोटक: शहरी क्षेत्र के मुकाबले गांवों में तो बिजली कटौती के चलते स्थिती ज्यादा विस्फोटक बनी हुई हैं। यहां बिना बिजली लोगों का कहीं अधिक बुरा हाल है। गांवों में कई बार पूरे-पूरे दिन बिजली गायब रहती है। गांवों में बिजली की इतनी अधिक कटौती की जा रही है कि सुबह करीब 10 बजे कट लगने पर शाम को चार बजे बाद ही छोड़ी जाती है। जिस कारण ग्रामीण लोगों को भारी कठिनाई झेलनी पड़ती है तथा तपती दोपहर को किसी छायादार वृक्ष का सहारा लेकर दिन काटना पड़ता है। इतना ही नहीं रात के समय कब बिजली चली जाए, इसका पता भी नहीं रहता है। क्षेत्र में इन दिनों ब्याह-शादियों का सीजन चला हुआ है तथा किसान लोग इन्हीं दिनों में अपनी मुख्य फसलों को बेचकर ब्याह शादी करते हैं, लेकिन बिजली की भारी कटौती ने इस बार उनकों मुश्किल में डाला हुआ है।