खेल मंत्री ने खिलाडिय़ों को बताए डोपिंग से बचने के उपाय


चंडीगढ़: हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश के सभी खेल परिसरों, नर्सरियों एवं अन्य आवश्यक स्थलों पर खिलाडिय़ों को डोपिंग रोधी जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ बारे में बैनर एवं बोर्ड लगाये जाएंगे ताकि खिलाडिय़ों को डोपिंग से बचाया जा सकें। श्री विज गुरुवार को पंचकूला में आयोजित पहले राज्य स्तरीय एंटी डोपिंग सेमिनार के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने इस कार्य के लिए प्रदेश के सभी जिला खेल अधिकारियों को मास्टर टे्रनर के तौर पर काम करने के निर्देश दिये हैं ताकि वे अपने क्षेत्रों के खिलाडिय़ों को प्रशिक्षित करें और उन्हें डोपिंग से बचाने में अपना योगदान दे। इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्रों में स्थित खेल स्टेडियमों, नर्सरियों तथा अन्य आवश्यक स्थलों में एंटी डोपिंग के बैनर लगाने को कहा गया है। इन पर डोपिंग संबंधित दवाइयां तथा अन्य आवश्यक सुझाव लिखे होंगे।

खेल मंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों को चोट लगने पर तुरन्त उपचार के लिए पीजीआईएमएस रोहतक में ‘स्पोर्टस इन्जरी सैंटर’ खोला जाएगा, जिसमें खिलाडिय़ों का उपचार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट कोटी का प्रशिक्षण दिलवाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय कोचों को बुलाया जाएगा ताकि हरियाणा के खिलाड़ी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकें। इसके अलावा आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राई में खेल विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को पारित कर दिया जाएगा, जिसकी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

श्री विज ने बताया कि सरकार की इच्छा है कि प्रत्येक जिले में एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम बनाया जाएं ताकि उस क्षेत्र से संबंधित खेलों का समुचित प्रशिक्षण दिया जाए। राज्य की खेल नर्सरियों में दाखिला लेने वाले खिलाडिय़ों को 2000 रुपये तक का मासिक वजीफा तथा इसके साथ ही कोच का वेतन एवं उपकरणों का पैसा देने का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त मुख् य सचिव डॉ. के के खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश में चल रही खेल गतिविधियों के कारण खेल मंत्री अनिल विज को देश का सर्वश्रेष्ठ खेल मंत्री का पुरस्कार मिला है। मुं बई में आयोजित एक कार्यक्रम में यह सुन कर प्रदेश की खुशी का ठिकाना नही रहा कि हरियाणा के आसपास दूसरा कोई राज्य खेल गतिविधियों में नही रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को अपनी खेल क्षमताओं का प्रयोग करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहिए, जिसमें डोपिंग का कोई स्थान नही होना चाहिए।

राष्ट्रीय एंटी डोपिंग एजैंसी के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने हरियाणा प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर आंकलन करने पर पाया गया है कि हरियाणा का मुकाबला कोई प्रदेश नही कर सकता है। इसलिए यहां के खिलाडिय़ों को अपने देश व प्रदेश के स मान का खयाल रखना चाहिए। इसके लिए खेलों में पदक जीतने के लिए किसी अनैतिक कार्य को नही करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एंटी डोपिंग पर कानून लाने का विचार किया जा रहा है, जिसके तहत पोषण की खुराक में डोपिंग पदार्थों की जानकारी दी जाएगी। हरियाणा सरकार ने पहली बार प्रदेश के खिलाडिय़ों को डोपिंग के प्रति जागरूक करने का सराहनीय प्रयास किया है। इस अवसर पर विभाग के निदेशक श्री जगदीप सिंह, सभी जिलों के खेल अधिकारी, खिलाडी, कोचों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान खिलाडियों को डोपिंग से बचने एवं संबंधित पदार्थों के विषय में जानकारी दी गई ताकि इनसे आसानी से बचा जा सके।

(अनूप कुमार)