छात्राओं का गुस्सा फूटा, स्कूल पर जड़ा ताला


हथीन: स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते बार-बार शिकायतें करने के बावजूद भी जब विद्यार्थियों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आखिरकार विद्यार्थियों का रोष गुस्से में बदल गया और गुस्साए विद्यार्थियों ने स्कूल का ताला जड रोड पर जाम लगा दिया। उक्त वाक्या हथीन के गांव मिंडकौला स्थित राजकीय सीनियर सैकेंड्री स्कूल का है। बताया जाता है कि इस स्कूल में साढे 400 से अधिक बच्चों के नाम दर्ज हैं। लेकिन बच्चों को पढाने के लिए अध्यापक नहीं हैं। इस बारे में विद्यार्थियों ने और उनके परिजनों ने कई बार सम्बंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और स्कूल में अध्यापक नियुक्त करने की मांग की। लेकिन नौकरशाह तो नौकरशाह है। उनकी तो तनख्वाह खरी, बच्चों के भविष्य से उन्हें क्या लेना। सम्भवतय: यही कारण होगा जो शैक्षणिक स्तर शुरू होने के कई माह बीत जाने के बावजूद भी बच्चों को पढाने के लिए पर्याप्त मात्रा में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हो पाई।

नौकरशाही की लापरवाही के चलते आखिरकार मजबूरन विद्यार्थियों ने मंगलवार को एक कडा निर्णय लेते हुए प्रात: 8 बजे स्कूल के मैन गेट का ताला जड दिया और बाहर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्कूल में ताला जडे जाने के बारे में जब खंड शिक्षा अधिकारी दरियाव सिंह चौहान को सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचे और गुस्साए बच्चों को समझाने का प्रयास किया। परन्तु उन्हें देख विद्यार्थी और भडक गए और गुस्साए विद्यार्थियों ने स्कूल के सामने नूंह पलवल मार्ग पर जाम लगा दिया। विद्यार्थियों का आरोप था कि हमें हर बार इसी प्रकार के झूठे आश्वासन देकर बहका दिया जाता है। जब स्कूल में अध्यापक ही नहीं है तो स्कूल को खोलने का फायदा ही क्या। इसीलिए ताला लगाया है। जाम लगने की सूचना मिलते ही मिंडकौला पुलिस चौकी इंचार्ज कृष्णकांत मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया।

परन्तु गुस्साए विद्यार्थियों ने किसी की एक नहीं सुनी और अपनी मांग पर अडे रहे कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती हम जाम नहीं खोलेंगे। जाम करीब पौने 10 बजे लगाया गया। जाम लगने के बारे में जब गांव के मौजिज लोगों को पता चला तो वे भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी बच्चों की मांग को जायज ठहराते हुए स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पडे पदों को भरने की मांग की। आखिरकार खंड शिक्षा अधिकारी ने गांव के मौजिज लोगों को लिखित रूप में आश्वासन दिया कि 2-4 दिन के अंदर-अंदर स्कूल में अध्यापकों का प्रबंध कर दिया जाएगा। तब जाकर गुस्साए विद्यार्थियों ने लगभग 11 बजे जाम खोला।

– माथुर