ईमानदारी से काम करने वालों को ढोल पीटने की जरूरत नहीं: किरण


भिवानी: सीएलपी लीडर किरण चौधरी ने भिवानी में जीएसटी बिल पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इमानदारी से काम करने वालों को ढोल पीटने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि भाजपा जनप्रतिनिधि जीएसटी के विरोध में आवाज उठाएं। क्योंकि जनप्रतिनिधि केवल विदेशी दौरा करने या अपने घर भरने के लिए नहीं बनते। वहीं उन्होंने इनेलो व भाजपा पर एसवाईएल मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा हमेशा लोगों को जाति व धर्म के नाम पर बांट कर वोट लेती है। बता दें कि कमला भवन धर्मशाला में व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में सीएलपी लीडर किरण चौधरी बतौर मुख्य अतिथि पहुंची। सम्मेलन में व्यापारियों ने एक-एक कर बताया कि किस प्रकार जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें न केवल परेशानी हो रही है बल्कि उनका व्यापार व दुकानदारी खत्म हो रही है।

इस पर बोलते हुए किरण चौधरी ने कहा कि जीएसटी को लागू करने से पहले केन्द्र सरकार ने इसका सरलीकरण करना चाहिए था। किरण चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जीएसटी का सरलीकरण करने की बजाय रोटीए कपङा व दवाईयों को भी इसमें शामिल कर दिया। उन्होने कहा कि इसके बाद आज धरातल पर व्यापारी व किसान रो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ भाजपा जनप्रतिनिधियों को आवाज उठानी चाहिए। किरण ने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल विदेशी दौरे कर मौज लेने तथा अपने घर भरने के लिए नहीं होते। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि जनता की आवाज नहीं उठाता तो वह जनता के साथ विश्वासघात करता है।

किरण चौधरी ने आरोप लगाया कि जीएसटी लागू होने के बाद इंस्पेक्टरी राज बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान व व्यापारी की हालत को देखते हुए सरकार को घंटा बजा कर जश्न नहीं मनाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जब वह विधानसभा में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की, किसानों व गरीब जनता के साथ हो रहे अन्याय की तथा प्रदेश के विकास की आवाज उठाती हैं तो सीएम व उनके मंत्री कहते हैं कि वे सरकार चलाना सिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा को सीखने के लिए सत्ता नहीं सौंपी थी। किरण चौधरी ने कहा कि जीएसटी लागू कर सरकार ने व्यापारी को जान से तो नहीं माराए लेकिन उसके गले में फांसी का फंदा जरूर डाल दिया।

(दीपक खंडेलवाल)