किसानों के अधिकारों के लिए होगा निर्णायक संघर्ष: हुड्डा


जींद: किसानों से साथ लेने का आह्वान करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सूबे की जनता पहले इनेलो, भाजपा और उनके कार्यकाल की तुलना करें। इस पैमाने में जो भी खरा उतरे, उसके साथ कदमताल करने का काम करें। इतिहास इस बात का गवाह है कि इनेलो सरकार में कंडेला आंदोलन के दौरान जहां किसानों पर दनादन गोलियां बरसाई गई थी, वहीं मौजूदा भाजपा सरकार ने कुछ करने की बजाय किसानों को इस मुकाम पर पहुंचा दिया कि वे दुखी होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो गए हैं। भाजपा सरकार ने तीन साल के शासन में किसान वर्ग पर जुल्म ढहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सरकार के इन जुल्मों-सितम का कड़ा जवाब दिया जाएगा। आज किसान पंचायत की भारी हाजिरी बता रही है कि धरती पुत्र अब इसे और बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार ने आर्थिक रूप से किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। लेकिन किसान अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर सजग हो गया है और उसने अंगड़ाई ले ली है। यद्यपि किसान थोड़ा देर से उठता है लेकिन जब खड़ा हो जाता है तो दुनिया की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। वे किसानों का इस संघर्ष में अंतिम अंजाम तक साथ देंगे। दो सांसदों और 12 विधायकों के साथ दर्जनों पूर्व मंत्री तथा विधायकों को साथ लेकर यह ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को जींद की नई अनाज मंडी में आयोजित किसान पंचायत में किया।

पंचायत की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूल चंद मुलाना और मंच संचालन महम से विधायक आनंद सिंह दांगी ने किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री रघुबीर सिंह कादयान, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, गीता भुक्कल, श्रीकृष्ण हुड्डा, उदयभान, ललित नागर, शकुन्तला खटक, जगबीर मलिक, जयवीर बाल्मीकि, सांसद शादीलाल बत्रा, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व मंत्री प्रो संपत सिंह, चक्रवर्ती शर्मा, पूर्व मंत्री परमवीर सिंह, प्रो वीरेन्द्र, प्रदेश प्रवक्ता रणसिंह मान, कृष्णमूर्ति हुड्डा, हरमोहिंदर च_ा, आफ ताब अहमद, राव नरेंद्र, राव दान सिंह, सतपाल सांगवान, विनोद भयाना, प्रो रामभगत शर्मा, बच्चन सिंह आर्य, जुलाना से पार्टी प्रत्याशी रहे प्रो. धर्मेंद्र ढुल, पहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, संत कुमार, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा चौहान, चांदवीर हुड्डा, भाग सिंह छातर, विनोद आसरी, होशियारीलाल शर्मा, रामकरणदास मंगला, बलराम कटवाल, ओम प्रकाश ढांडा, जगबीर ढिगाना, ऋ षिपाल आर्य, सुनील जुलानी, राममेहर पाथरी, महावीर कंप्यूटर, सूर्यदेव कौशिक सहित अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 16 को यमुनानगर और 22 जुलाई को नुहं में अगली पंचायत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंचायतों के माध्यम से कुरूक्षेत्र की पावन धरा से किसानों के लिए शुरू हुआ हमारा संघर्ष आज भी जारी है। यहां से उठी आवाज पुरे देश में जायेगी और वे इस लड़ाई को आगे तक लेकर जायेंगे और सत्ता के नशे में चूर भाजपा सरकार को मजबूर कर देंगे कि या तो वो जनता ये किये वायदे पूरे करें या गद्दी छोड़े। उन्होंने कहा कि जीन्द मेरी कर्मभूमि रही है और यहीं से सन् 2002 में हमने किसानों के अधिकारों के लिए दिल्ली तक पदयात्रा की थी। जनता ने विश्वास करके हमें सत्ता सौंपी और हमने उन द्वारा दी गई ताकत का इस्तेमाल उन्हीं की भलाई के लिए किया। उन्होंने भाजपा-इनेलो पर हमला बोलते हुए कहा कि ये दोनों आपस में मिलकर नूरा कुश्ती लड़ रहे है और जनता को गुमराह कर रहे हैं। एस वाई एल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा ये राजनीति करने का मुद्दा नहीं है और इसका निर्माण हरियाणा के आने वाली पीढिय़ों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

– संजय शर्मा