धनशोधन मामले में वीरभद्र की याचिका खारिज


नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी एवं उनके पुत्र के खिलाफ धनशोधन मामले को खारिज करने से आज इनकार कर दिया। अदालत ने सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, पुत्र विक्रमादित्य सिंह और एक अन्य व्यक्ति चुन्नी लाल की याचिकाएं खारिज कर दीं।

न्यायमूर्ति आर के गौबा ने कहा, “याचिकाओं में दम नहीं है, परिणामस्वरूप इन्हें खारिज किया जाता है।” इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय ने 83 वर्षीय सिंह, उनकी पत्नी और बेटे को इस संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया था। निदेशालय ने सीबीआई द्वारा दायर आपराधिक शिकायत का संज्ञान लेते हुए सितंबर 2015 में मुख्यमंत्री और अन्य के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।