असम में भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। पटाचारकुची से पूर्व भाजपा विधायक मनोरंजन दास कांग्रेस में शामिल हो गए। दास ने बांग्लादेशी हिंदुओं को नागरिकता देने के पार्टी के कदम की आलोचना की है दास ने 2011 में बरपेटा जिले में पड़ने वाली पटाचारकुची से चुनाव जीता था और विधायक बने थे। 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यह सीट असम गण परिषद के लिए छोड़ दी थी। दास ने कहा कि असम गण परिषद के लिए सीट छोडऩे से पहले उनसे कंसल्ट नहीं किया गया।

असम गण परिषद के उम्मीदवार पबिन्द्र डेका ने इस सीट से चुनाव जीता था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार शैलेन कलिताा को हराया था। दास ने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। दास राजीव भवन में आयोजित स्वागत समारोह में कांग्रेस में शामिल हुए। इस मौके पर सरभोग निर्वाचन क्षेत्र से दो अन्य भाजपा सदस्य ज्योसना महंता जो खैराबारी ग्राम पंचायत के अध्यक्ष हैं और कंचन महंता जो गोबारधाना ब्लॉक कमेटी के महासचिव हैं कांग्रेस में शामिल हुए।

असम गण परिषद के दो सदस्य रीना देवी और राजू कुमार शर्मा भी कांग्रेस शामिल हुए। सीपीएम के राबेन दास भी कांग्रेस में शामिल हुए। मीटिंग में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोराए नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया और वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे। आपको बता दें कि असम गण परिषद भाजपा का सहयोगी दल है। असम में इन दिनों नागरिकता संशोधन बिल 2016 को लेकर दोनों दलों के बीच खटास चरम पर पहुंच गई है।

असम गण परिषद ने धमकी दी है कि अगर मोदी सरकार ने नागिरकता संशोधन बिल 2016 को संसद में पारित कराया तो वह सर्वानंद सोनोवाल की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेगी। गौरतलब है कि असण गण परिषद ने आगामी पंचायत चुनाव अकेले लडऩे का फैसला किया है। आम आदमी पार्टी भी पंयाचत चुनाव में हिस्सा लेगी।

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