भारत के 3 सबसे गौरवशाली राष्ट्रपति, जिन्होंने देश को दी नयी ऊंचाईयां


हाल ही में श्री ‘रामनाथ कोविंद’ भारत के चौदहवें राष्ट्रपति चुने गए जिन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी मीरा कुमार को भारी मतों के अंतर से हराकर भारत के प्रथम नागरिक होने का गौरव प्राप्त किया। श्री रामनाथ कोविंद रूलिंग पार्टी के उमीदवार थे। आज हम आपको बताने वाले है भारत के उन तीन राष्ट्रपतियों के बारे में जिनके प्रतिभाशाली व्यक्तित्व की वजह से उन्हें भारत ही नहीं बल्कि विश्व में आदर और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

आपको बता दें भारत के राष्ट्रपति के पास भारतीय संविधान के नियानुसार कई तरह के विशेषाधिकार होते है साथ ही भारत की तीनो सेनाओं का अध्यक्ष भी राष्ट्रपति ही होते है। सरकार के किसी भी बड़े फैसले को लागू करने के लिए राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है। आइये नज़र डालते है भारत के तीन गौरवशाली राष्ट्रपतियों के ऊपर जिन्होंने भारत का दुनियाभर में सम्मान बढ़ाया और भारत पर अपने महान व्यक्तित्व की गहरी छाप छोड़ी है।

1.डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद: भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गाँव में हुआ था, ये भारत के पहले राष्ट्रपति होने के साथ-साथ ऐसे शख्स भी है जिन्हे दो बार राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त है। भारत रत्न से सम्मानित डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने भारत की आज़ादी से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ मिलकर कई आंदोलनों में भाग लिया था। बेहद कष्ट भरे बचपन के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बलबूते विश्वस्तर पर अपनी पहचान बनाई और इनका नाम आजाद भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। इन्होने राष्ट्रपति पद की गरिमा को बढ़ाने के साथ-साथ अनेक सामाजिक कार्यों में अविश्वसनीय योगदान दिया है।

2.सर्वपल्ली राधाकृष्णन: महान शिक्षाविद एवं प्रकांड विद्वान सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तिरुट्टनी तमिलनाडु में हुआ था । ये वर्ष 1962 में भारत के दूसरे राष्ट्रपति चुने गए। इन्हे भारत और रूस के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए सबसे ज्यादा श्रेय दिया जाता है।1949 में जवाहरलाल नेहरू ने प्रख्यात दार्शनिक डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारतीय राजदूत के रूप में मास्को भेजने का निर्णय किया। तीन साल के भीतर ही राधाकृष्णन ने सोवियत संघ के साथ भारत के रिश्तों को पूरी तरह से बदल डाला। भारत और रूस के आज के मैत्री संबंधों के पीछे सर्वपल्ली राधाकृष्णन का महत्वपूर्ण योगदान है जिसने भारत को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाई।

3.डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: भारत के मिसाइल-मैन के नाम से मशहूर अब्दुल कलाम का जन्म जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ। नाविक वरिवार से तालुक रखने वाले कलाम ने अथक मेहनत और कड़े परिश्रम से अपने जीवन को आगे बढ़ाया और आज भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों में उनका नाम सबसे पहले आता है। कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे। 1982 में कलाम को डीआरडीएल (डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट लेबोरेट्री) का डायरेक्टर बनाया गया। कलाम को 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण और फिर, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया. भारत के सर्वोच्च पर पर नियुक्ति से पहले भारत रत्न पाने वाले कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति हैं। भारत में स्वदेशी मिसाइलों के निर्माण और विकास में डॉक्टर कलाम का अभूतपूर्व योगदान रहा है। . उन्होंने स्वदेशी गाइडेड मिसाइल को डिजाइन किया और अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक से बनाईं। इन्हे वर्ष 2002 में भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया।