केंद्र सरकार की तरफ से अब तक के सबसे बड़े स्वच्छता सर्वे में पिछले साल भी सबसे साफ शहर के तौर पर नंबर-1 रहा। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को लगातार दूसरी बार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है।  मध्य प्रदेश के ही भोपाल को देश का दूसरा, जबकि चंडीगढ़ को तीसरा साफ शहर चुना गया है। पिछले साल भारत की सबसे स्वच्छ राजधानी होने का खिताब चंडीगढ़ को मिला था, लेकिन ओवरआल प्रदर्शन में यह शहर 11वें नंबर पर था।

नेशनल मीडिया सेंटर में बुधवार को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी ने सर्वे के परिणाम घोषित किए। पिछले साल सर्वे में उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद 434 शहरों में 351वें नंबर पर था। इस बार वह टॉप-50 शहरों में शामिल होने के साथ ही 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में देश की नंबर-1 फास्टेस्ट मूवर बिग सिटी अवार्ड के लिए चुना गया है।

3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में अलीगढ़ को नवाचार और उसका श्रेष्ठ उपयोग श्रेणी में नंबर-1 शहर के तौर पर चुना गया है। नई दिल्ली नगर निगम को देश का सबसे साफ छोटा शहर चुना गया है।शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के लिए झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को पहले तीन स्थानों पर चुना गया है।

देश के अलग-अलग शहरों में आम नागरिकों के रोजाना के अनुभव के आधार पर किए गए सर्वेक्षण के तहत दिए गए अलग-अलग श्रेणी में 52 शहरों को पुरस्कार दिए गए। इनमें राष्ट्रीय स्तर पर 29 शहर व आर्मी कैंट बोर्ड, जोनल स्तर पर 20 शहरों और 3 राज्यों को पुरस्कार के लिए चुना गया।

खास बात ये है कि पिछले साल इंदौर को मात्र 430 शहरों में हुए सर्वेक्षण में नंबर-1 स्थान मिला था, जबकि इस बार सर्वे 4203 शहरी निकायों में किया गया और उनमें भी इंदौर जैसा स्वच्छ और नागरिक प्रतिभाग वाला शहर कोई नहीं पाया गया। इस दौरान पुरी ने घोषणा की कि स्वच्छता के मामले में देश में सबसे खराब स्तर हासिल करने वाले शहरों के नाम सफाई में पुरस्कार पाने वाले शहरों के सम्मान समारोह के दिन घोषित किए जाएंगे।

देश का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वे 04 जनवरी से 10 मार्च तक चलाया गया स्वच्छता सर्वेक्षण 4203 नगर निकायों का स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया इस बार 40 करोड़ शहरी नागरिक शामिल किए गए इस तरह सर्वे में 2700 कर्मचारी लगाए गए थे ।

देश में सर्वे करने के लिए 37.66 लाख लोगों ने ने अपना फीडबैक दिया सर्वे के दौरान 53.58 लाख लोगों ने स्वच्छता एप को डाउनलोड किया 1.18 करोड़ शिकायतें की गईं स्वच्छता एप के जरिए 1.13 करोड़ शिकायतों का समाधान कर एप पर अपलोड किया निकाय प्रबंधन ने 94 हजार घरों में सर्वे टीम ने ‘डोर टू डोर’ कूड़ा एकत्रीकरण परखा 15 हजार स्कूलों में स्वच्छता कमेटी का गठन जांचा गया रैंकिंग में ऐसे दिया गया शहरों को वेटेज सर्वे के दौरान 35-35 फीसदी वेटेज लोगों के फीडबैक व सेवाओं में सुधार को दिया गया, जबकि 30 फीसदी वेटेज सीधे पर्यवेक्षण के जरिये मिले अंकों को आधार बनाया गया।

देश के शीर्ष-3 स्वच्छ शहर
1. इंदौर
2. भोपाल
3. चंडीगढ़

अलग-अलग श्रेणी में पुरस्कृत शहर

गाजियाबाद: दस लाख की आबादी वाले सबसे तेजी से रैंकिंग सुधारने वाला शहर

अलीगढ़: इनावेशन और बेहतर प्रक्रियाओं को अपनाने वाला 3-10 लाख की आबादी वाला शहर

नई दिल्ली नगर निगम: 1-3 लाख की आबादी वाला सबसे स्वच्छ शहर

पंजाब का भादसों उत्तरी क्षेत्र में सबसे साफ
उत्तरी क्षेत्र में दिए गए 4 पुरस्कारों में से दो पंजाब के दो शहरों के नाम रहे। पंजाब के भादसों को उत्तरी क्षेत्र का सबसे साफ शहर चुना गया तो मुनक को नागरिक फीडबैक देने में श्रेष्ठ शहर के तौर पर चुना गया। हरियाणा के घरौंडा को नवाचार और उसका श्रेष्ठ उपयोग श्रेणी में जोनल स्तर पर चुना गया तो यूपी के समथर को अपशिष्ट प्रबंधन में श्रेष्ठ शहर घोषित किया गया है।

शीर्ष-3 कैंट में उत्तराखंड के भी दो
आर्मी कैंट बोर्ड की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली कैंट बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है तो उत्तराखंड के अल्मोड़ा कैंट बोर्ड को दूसरा और रानीखेत कैंट बोर्ड को तीसरा सबसे साफ क्षेत्र माना गया है। उत्तराखंड के ही नैनीताल कैंट को नागरिक फीडबैक के मामले में श्रेष्ठ घोषित किया गया है तो चेन्नई के सेंट थॉमस माउंट कैंट को नवाचार और उसका उपयोग श्रेणी में चुना गया है। अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले का जतोग कैंट बोर्ड देश में सबसे आगे रहा है।

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