ISRO रचेगा इतिहास, देश का सबसे भारी रॉकेट GSLV मार्क-3 लॉन्च होगा आज


नई दिल्ली: भारत का सबसे ताकतवर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल GSLV मार्क 3 अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार है। श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केन्द्र से सोमवार शाम 5.28 बजे इसका प्रक्षेपण होगा। यह रॉकेट संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर जाएगा. जीएसएलवी एमके थ्री भारत का सबसे भारी रॉकेट है। इसके साथ ही भारत में हाई स्पीड इंटरनेट युग की शुरुआत होगी। GSLV मार्क 3 की लॉन्चिंग के साथ ही स्पेस में इंसान को भेजने का भारत का सपना जल्द पूरा हो सकता है। फिलहाल रूस, अमेरिका और चीन के पास इंसान को स्पेस में भेजने की काबिलियत है। GSLV मार्क 3 को इसरो ने डेवलप किया है।

इसकी लॉन्चिंग को स्पेस टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव लाने वाले मिशन के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी उल्टी गिनती रविवार शाम 3.58 बजे शुरू हुई थी। अब तक 2300 किलोग्राम से अधिक वजन के संचार उपग्रहों के लिए इसरो को विदेशी लॉन्चरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने बताया कि जीएसएलवी एमके थ्री-डी 4000 किलो तक के पेलोड को उठाकर जीटीओ और 10 हजार किलो तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने में सक्षम है।

जीएसएलवी एमके-3 का वजन पांच पूरी तरह से भरे बोइंग जम्बो विमान या 200 हाथियों के बराबर है। जीएसएलवी एमके-3 देश का पहला ऐसा उपग्रह है जो अंतरिक्ष आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तेज स्पीड वाली इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि देश ऐसी क्षमता विकसित करने पर जोर दे रहा है जो फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट की पहुंच से दूर स्थानों को जोड़ने में महत्वपूर्ण हो।