जम्मू-कश्मीर : उरी में पाक ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन


Firing

हर बार भारत की तरफ से पाकिस्तान को उसकी हरकतो का मुंह तोड़ जवाब मिल रहा है फिर भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। गुरुवार की सुबह कश्मीर के उरी सैक्टर में सीमा रेखा के पास पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की। गोलीबारी में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

सेना ने यह जानकारी दी कि पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया गया। पाकिस्तानी सेना लगातार बिना किसी उकसावे के भारतीय सीमा पर गोलीबारी करती रहती है। गोलीबारी की आड़ में पाकिस्तान आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराता है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार की शाम उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में बिना उकसावे के गोलीबारी शरू कर दी।

भारतीय सेना ने संघर्ष विराम उल्लंघन की इस कार्रवाई का मुंह तोड़ जवाब दिया। अधिकारी ने बताया कि आधी रात के बाद दो बजे गोलीबारी थोड़ी थमी लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों ने सुबह होते ही फिर गोलीबारी शुरू कर दी। आपको बता दें कि बीते साल जून में भी पाकिस्तान ने उरी सेक्टर में 48 घंटे में दो बार घुसपैठ की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय सेना ने घुसपैठ की हर कोशिश को नाकाम कर दिया था।

भारतीय सेना ने 28- 29 सितंबर 2016 की रात को नियंत्रण रेखा के पार जाकर सात आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सर्जिकल स्ट्राइक से कुछ दिन पहले 18 सितम्बर, 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 18 जवान शहीद हुए थे।

सैन्य बलों की कार्रवाई में सभी चार आतंकी मारे गए। यह भारतीय सेना पर किया गया, लगभग 20 सालों में सबसे बड़ा हमला था। एक योजना के तहत ही सेना के कैंप पर फिदायीन हमला किया गया। हमलावरों के द्वारा निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई इसके बाद ही भारत ने कायरों की तरह हमला करने वाले आतंकियों को सबक सिखाने का मन बना लिया था।

भारत के जांबाज सैनिकों ने LOC के पार जाकर आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर दिया। उस समय रात के बारह बजे पुंछ से एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ‘ध्रुव’ पर 4 और 9 पैरा के 25 कमांडो सवार होकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में दाखिल हुए थे। नियंत्रण रेखा के पार हेलिकॉप्टर ने इन जवानों को एक सुनसान जगह उतार दिया। पाकिस्तानी सेना की फायरिंग की आशंका के बीच इन कमांडोज ने तकरीबन तीन किलोमीटर का फासला रेंग कर तय किया।

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