LOC पर पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर उल्लंघन, एक जवान शहीद, एक घायल


जम्‍मू : जम्मू के सुंदरबनी सेक्टर में पाक गोलाबारी में सेना का जवान शहीद हो गया। शाम छह बजकर पांच मिनट पर पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के एलओसी पर फायरिंग शुरू कर दी। सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने पाक गोलाबारी का मजबूती से माकूल जवाब दिया। दोनों ओर से हो रही गोलाबारी के दौरान राइफलमेन जयद्रथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मृत्य हो गई।

28 साल के जयद्रथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के भगवानपुर गांव के रहने वाले थे. वे अपने पीछे पत्नी को छोड़ गए है। जयद्रथ एक बहादुर और समर्पित सिपाही थे। देश उनके सर्वोच्च बलिदान का हमेशा कर्जदार रहेगा। हलांकि गुरुवार को एलओसी पर पाक की ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई थी। करीब एक हफ्ते के भीतर एलओसी पर पाक सेना की गोलाबारी में सेना के छह जवान शहीद हो गए हैं।

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पिछले एक हफ्ते में 6 जवान हो चुके हैं शहीद

पिछले एक हफ्ते के अंदर जम्मू कश्मीर के एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में सेना के 6 जवान शहीद हो चुके हैं। जयद्रथ से पहले 19 जुलाई को जम्मू के राजौरी सेक्टर में शशि कुमार पाक फायरिग में शहीद हो गए थे। वह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले थे। इससे एक दिन पहले भी भारत ने अपने एक लाल को खो दिया था। जम्मू के नौशेरा सेक्टर में पंजाब के मोगा के रहने वाले जसप्रीत पाक गोलीबारी में शहीद हो गए थे। इसी दिन कुपवाड़ा के नौगाम सेक्टर में विमल सिंजाली शहीद हो गए थे। विमल नेपाल के रहने वाले थे।। वहीं 17 जुलाई को पुलवामा के रहने वाले थे. मुदस्सरअहमद जम्मू के राजौरी सेक्टर में पाक गोलाबारी का निशाना बने थे।

पाकिस्तान ने किया 228 बार सीजफायर उल्लंघन
पाकिस्तान ने इस साल 11 जुलाई तक 228 बार सीजफायर वॉयलेशन किया है। राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि सीजफायर वॉयलेशन की इन घटनाओं में 24 जवान जख्मी हुए हैं। इसके अलावा 2014 में 153 बार सीजफायर वॉयलेशन की घटनाएं हुई, जिसमें 3 जवान शहीद हुए। वहीं 29 जवान जख्मी हुए थे। वहीं, 2015 में 152 और 2016 में 228 घटनाएं हुई, जिनमें 10 और 13 जवान शहीद हुए। 2015 से इस साल ग्यारह जुलाई तक आर्मी पर 27 आतंकवादी हमले हुए, जिनमें 40 जवान शहीद हुए।  इसके अलावा, 2014 से इस साल ग्यारह जुलाई तक एलओसी पर घुसपैठ की 84 कोशिशों को नाकामयाब किया गया, जिनमें 142 आतंकवादी मारे गये और सेना के 29 जवान शहीद हुए।