जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार वजह है यूनिवर्सिटी के वीसी को बंधक बनाने का मामला। बताया जा रहा है कि अपनी मांग को लेकर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने विश्वविद्यालय के एडमिन डिपार्टमेंट में वीसी को बंधक बनाया, लेकिन जेएनयू स्टूडेंट यूनियन ने वीसी को बंधक बनाने की बात से साफ तौर पर इंकार किया है।

जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेंट गीता ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने 75% अटेंडेंस सहित कई नियमों के सर्कुलर जारी किए हैं, जो स्टूडेंट हित में नहीं है। इन्हीं सर्कुलर को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले काफी वक्त से स्टूडेंट और स्टूडेंट यूनियन स्ट्राइक कर रहे थे।

गुरुवार सुबह से ही स्टूडेंट यूनियन ने विश्वविद्यालय के वीसी से मिलने के लिए तीन बार लेटर एडमिन डिपार्टमेंट को लिखा। स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेंट गीता के मुताबिक उन्हें हर बार कहा जाता रहा कि वी सी उनसे मिलेंगे लेकिन वह नहीं मिले। उनका कहना है कि ट्विटर पर जानकारी मिलती रही कि वीसी एडमिन डिपार्टमेंट में ही हैं, लेकिन वह स्टूडेंट्स से मिलने नहीं आए। स्टूडेंट्स वीसी से मिलकर अपनी समस्या रखना चाहते हैं और यह मांग कर रहे थे कि स्टूडेंट हित में जारी किए गए यह सर्कुलर वापस लिए जाएं।

हालांकि रात करीब 11:00 बजे ट्विटर से पता लगा कि एडमिन डिपार्टमेंट के एक कर्मचारी बीमार हैं। एंबुलेंस उन्हें लेकर अस्पताल गई. फिर स्टूडेंट यूनियन और छात्रों ने एडमिन डिपार्टमेंट को चेक किया तो वीसी डिपार्टमेंट में नहीं थे। स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेंट गीता का कहना है कि वीसी कहां हैं? किसी को नहीं पता और वह कब एडमिन डिपार्टमेंट से निकले यह भी नहीं पता। छात्रों और स्टूडेंट यूनियन द्वारा वीसी को बंधक बनाने की बात से गीता ने साफ तौर पर इंकार किया।

गीता ने कहा कि स्टूडेंट्स एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के बाहर बैठकर वीसी का इंतजार कर रहे हैं कि वह आकर छात्रों से मिले और उनकी समस्याएं सुने लेकिन वह नहीं आए। स्टूडेंट प्रेसिडेंट के मुताबिक यूनिवर्सिटी द्वारा जारी सर्कुलर को वापस लेने की मांग को लेकर स्ट्राइक जारी रहेगी और वीसी से मिलने की मांग भी जारी रहेगी।

 

 

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