जस्टिस लोया मामला फिर पहुंचा SC, पुनर्विचार याचिका दाखिल


बॉम्बे वकील संघ ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश बी एच लोया की मौत की स्वतंत्र जांच के लिए खारिज की गई उनकी याचिका पर पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।  इस याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के निष्कर्षों को हटाए, जिसमें कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि न्यायपालिका की आजादी पर हमला और न्यायिक संस्थानों की विश्वसनीयता को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

दरअसल, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जज लोया केस की SIT से जांच कराने की मांग ठुकरा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब जस्टिस लोया केस में कुछ नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि केस को देख रहे जजों पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है और याचिकाकर्ताओं की मंशा न्यायपालिका को खराब करना है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि जज लोया के मामले में जांच के लिए दी गई अर्जी में कोई दम नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जजों के बयान पर संदेह का कोई कारण नहीं है और उनके बयान पर संदेह करना संस्थान पर संदेह करना जैसा होगा।

2014 में हुई थी मौत

दिसंबर, 2014 में जज लोया की नागपुर में मौत हो गई थी, जिसे संदिग्ध माना गया था। मीडिया रिपोर्ट्स में लोया की मौत को संदिग्ध बताया गया था, जिसके बाद इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने वह याचिका खारिज कर दी थी. यह पूरा मामला देश की राजनीति के केंद्र में भी रहा है. कांग्रेस ने उस याचिका को ही फिक्स करार दिया था. कांग्रेस ने दावा किया था कि यह याचिका आरएसएस से जुड़े एक व्यक्ति ने दायर की थी।

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