केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के 85वें जन्मदिवस समारोह में आज कहा कि महामहिम त्रिपाठी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में 20वीं सदी का अंतिम और 21वीं सदी का पहला स्पीकर होने का गौरव प्राप्त है।

समारोह के मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह ने कहा कि इसके अलावा, उन्हें अविभाजित उत्तर प्रदेश का अंतिम और विभाजित उत्तर प्रदेश का पहला स्पीकर बनने का भी मौका मिला ।

उन्होंने बताया कि इनके साथ ही उन्हें भी अविभाजित उत्तर प्रदेश का अंतिम और विभाजित उत्तर प्रदेश का अंतिम मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला।

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गृहमंत्री ने कहा, ‘आमतौर पर राज्यपाल के बारे में धारणा रहती है कि वह पैसिव व्यक्ति है, लेकिन त्रिपाठी जी राज्यपाल के रूप में यह पैसिव भूमिका अदा करने वाले नहीं है, बल्कि एक्टिव भूमिका अदा करने वाले राज्यपाल हैं।’

राजनाथ ने कलयुग में आयु की 125 वर्ष की मर्यादा का उल्लेख करते हुए केशरी नाथ त्रिपाठी को 125 वर्ष की आयु पूरी करने की कामना की।

समारोह को बिहार के राज्यपाल लाल जी टंडन, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी संबोधित किया और केशरी नाथ त्रिपाठी के कार्यों की सराहना करते हुए उनकी दीर्घायु की कामना की।