कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के भारतीय सेना पर दिए बयान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने समर्थन किया है। दरअसल, गुलाम नबी का बयान था की घाटी में चल रहे सेना के ऑपरेशन में आतंकी कम नागरिक ज्यादा मारे जा रहे हैं। उन्होंने पुलवामा का उदाहरण भी दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलवामा में एक आतंकी मरा, लेकिन 13 आम लोग मारे गए थे। उनके इस बयान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भी आजाद के इस बयान के समर्थन में प्रेस रिलीज जारी की है।

लश्कर-ए-तैयबा के प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में सेना के द्वारा नागरिकों को तड़पाया जा रहा है। वहां के नेता गुलाम नबी आजाद ने जो बात कही है वह बिल्कुल सही है। भारत की ओर से एक बार फिर जगमोहन (पूर्व में जम्मू-कश्मीर के गवर्नर) के समय को लागू किया जा रहा है। लश्कर की ओर से भारत पर आरोप लगाया गया है कि पिछले 7 दशक से भारत J-K में उत्पीड़न कर रहा है।

लोगों को ईद और जुमे की नमाज भी नहीं करने दी जा रही है। सेना के द्वारा कश्मीरियों की सोच को दबाया जा रहा है। रमजान के मौके पर लागू किए गए सीजफायर को लश्कर ने पूरी तरह से ड्रामा बताया। उन्होंने कहा कि भारत कश्मीर में अपने एजेंडे को लागू करने में लगातार फेल होता आ रहा है।

गुलाम नबी का बयान गैर जिम्मेदाराना : केंद्रीय कानून मंत्री

गुलाम नबी के इस बयान की आलोचना करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनका ये बयान गैर जिम्मेदाराना और देश को तोड़ने वाला बयान है। पीएम मोदी से नफरत करने के चलते उन्होंने ऐसा शर्मनाक बयान दिया है। कांग्रेस देश को तोड़ने वालों के साथ खड़ी है। रविशंकर ने कहा कि आजाद के बयान से पाकिस्तान के लोग ज्यादा खुश होंगे। इसका सबूत लश्कर-ए-तैयबा के प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी का वह बयान है जिसमें उन्होंने आजाद के बयान का हवाला दिया है।

बीजेपी नेता ने कहा, ‘देश के लिए हम सभी जीते हैं, लेकिन देश के लिए सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिस के जवान मारे जाते हैं।’ उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान वैसा व्यक्ति दे रहा है जो कश्मीर का मुख्यमंत्री रहा है। जिन्होंने कश्मीर में आतंकवाद का नग्न चेहरा देखा है।जिन्होंने सरहद पार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का चेहरा देखा है।

वही बीजेपी नेता संबित पात्रा ने ट्वीट में लिखा- प्रेस रिलीज जारी कर ग़ुलाम नबी आज़ाद और कांग्रेस के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें भारतीय सेना पर आतंकियों को मारने की आड़ में नरसंहार करने का आरोप लगाया गया है। पात्रा ने लिखा कि आतंकी संगठन का गुलाम नबी आजाद के बयान का समर्थन करना काफी शर्मनाक है।

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