जानिए , रामनाथ कोविंद का गांव से राष्ट्रपति बनाने तक का सफर


NDA के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे। उन्होंने UPA के प्रत्याशी मीरा कुमार को हराया दिया है । आइये आपको बताते है रामनाथ कोविंद के जीवन के बारे , NDA के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का जन्म एक अक्टूबर 1945 को कानपुर देहात के पाराउख गांव में हुआ था।

उनका जन्म एक बहुत ही साधारण परिवार में हुआ उस वक्त देश अंग्रेजों का गुलाम था उस समय दलित होना किसी अपराध से कम न था कोविंद का बचपन गरीबी में गुजरा था रामनाथ कोविंद के पिता मैकूलाल वैद्य भी थे और गांव में किराने और कपड़े की दुकान भी चलाते थे। रामनाथ कोविंद की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा स्थानीय स्कूलों में हुई। ये 5 भाइयों और 2 बहनों को थे । रामनाथ शुरू से वकील बनाना चाहते थे और रामनाथ वकील कोविंद बन गए। बाकी अपना बिज़नेस करते हैं। और एक भाई अकाउंट अधिकारी के पद पर थे और एक सरकारी स्कूल में टीचर थे । रामनाथ कोविंद की शिक्षा स्थानीय स्कूलों से की है ।

उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक और विधि स्नातक की पढ़ाई की। कानून की पढ़ाई करने के बाद वो भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आ गए। यहाँ वे लोक सेवा आयोग में चयन न होने के बाद वो दिल्ली में ही वकालत करने लगे। और बाद में कोविंद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के वकील बने । 1977 में केंद्र में जब मोरारजी देसाई के अगुआई में जनता पार्टी की सरकार बनी तो रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी बने।

1980 से 1983 तक रामनाथ कोविंद केंद्र सरकार के उच्चतम न्यायालय में स्टैंडिंग काउंसिल रहे। रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से भी जुड़े हुए है । आपको बता दे कि 1991 में वो बीजेपी के तरफ उन्होने घाटमपुर लोक सभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए थे । 1994 में पहली बार राज्‍यसभा के लिए चुने गए । और साल 2015 में रामनाथ कोविंद बिहार राज्य के राज्‍यपाल रहे । और 20 जुलाई 2017 यानि आज को उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव जीता लिया है ।