मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर की आपत्ति


भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ने राज्य में अनेक नगरीय निकायों के चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान द्वारा की जा रही घोषणाओं पर आपत्ति जताते हुए इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की। नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय की ओर से यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्री सिंह ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज करने की मांग भी की है।

श्री ङ्क्षसह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री 30 जुलाई को सतना जिले के मझगवां में अंत्योदय सम्मेलन में शामिल हुए और उन्होंने 200 रुपए ‘फ्लैट रेट’ पर बिजली देने की घोषणा के साथ ही मैहर स्मार्ट सिटी के काम की शुरूआत की। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर के कई विकास कार्यों को करवाने की घोषणा की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस स्थान पर सम्मेलन किया, उसके पास स्थित जैतवारा नगर परिषद में चुनाव प्रक्रिया जारी है। इसी तरह सतना जिले के जैतवारा, शहडोल जिले के जयङ्क्षसहनगर, शहडोल और बुढार, अनूपपुर जिले में कोतमा और बिजुरी तथा उमरिया जिले के नगर पालिका परिषद पाली में चुनाव होना है। मुख्यमंत्री ने मझगवां में तथा मैहर में जिन विकास कार्यों की शुरूआत की और घोषणा की उससे इन चुनाव क्षेत्र के मतदाता प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से प्रभावित होते हैं।

श्री सिंह ने कहा कि 200 रूपए ‘फ्लैट रेट’ पर बिजली देने की घोषणा से प्रदेश के 15 जिलों में चल रहे नगरीय निकायों के मतदाता प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को वास्तव में गरीबों और किसानों की ङ्क्षचता है, तो वे यह घोषणा पूर्व में ही या चुनाव के बाद भी कर सकते थे। लेकिन उन्होंने जानबूझकर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए यह घोषणा की, जो उनकी नीयत और गलत मंशा को दर्शाता है। श्री सिंह ने कहा कि जब मुख्यमंत्री स्वयं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करें, तो चुनाव की निष्पक्षता और स्वतंत्रता संदेहास्पद हो जाती है।