सती के महिमामंडन के आरोप में 12 महिला- पुरुषों के खिलाफ प्रकरण दर्ज


बड़वानी : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की सेंधवा शहर थाना पुलिस ने फरवरी माह में सती का महिमामंडन कर एक विशाल तथा भव्य समारोह के माध्यम से सेंधवा के प्राचीन किले में सती का मंदिर स्थापित करने के आरोप में आज इस आयोजन समिति के 5 महिलाओं समेत 12 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुरीति के महिमामंडन में प्रकरण दर्ज होने का संभवता यह पहला मामला है।

सेंधवा शहर थाना के नगर निरीक्षक जेसी पाटीदार ने पत्रकारों को बताया कि ऐतिहासिक किला परिसर में रानी सती दादी मंदिर के निर्माण, शोभा यात्रा और प्राण प्रतिष्ठा के मामले में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय मित्तल द्वारा की गई शिकायत की जांच के उपरांत आज रानी सती दादी मंदिर समिति से जुड़ 12 सदस्यों के खिलाफ सती प्रिवेंशन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपियों में रानी सती का मंगल पाठ करने वाली तथा मंदिर की सूत्रधार श्रीमती रेखा गर्ग, उनके पति उमेश गर्ग,भाई सतीश शर्मा, अनूप गोयल,अनूप गोयल की पत्नी वंदना, मीना गोयल, प्रकाश अग्रवाल, उनकी पत्नी कविता,पंकज अग्रवाल उनकी पत्नी कृति, जितेंद, गर्ग तथा एक अन्य विपुल गोयल शामिल है।

श्री पाटीदार ने बताया कि श्री मित्तल द्वारा 4 फरवरी को की गई शिकायत की बहुआयामी जांच के उपरांत मामला अभिमत हेतु सहायक जिला अभियोजन अधिकारी संजय मोरे के पास भेजा गया था जिन्होंने प्रथम दृष्टया आरोपियों के कृत्य को दंडनीय अपराध पाया है।

उन्होंने बताया कि नक्शा मौका तथा घटनास्थल की जांच की गई है। मंदिर बनाने हेतु राशि के लेनदेन संबंधी दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं, इसके उपरांत धोखाधड़ संबंधी अन्य धाराओं में भी कार्यवाई संभावित है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को शीघ, ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

इस मामले में हुई शिकायत के तारतम्य में पुरातत्व विभाग इंदौर ने सेंधवा के ऐतिहासिक किला परिसर में 3 फरवरी से 7 फरवरी तक भव्य आयोजन कर रानी सती दादी की प्राणप्रतिष्ठा हुए मंदिर का निरीक्षण किया था तथा जिला कलेक्टर को रानी सती दादी मंदिर के निर्माण को अवैध ठहराते हुए इसे हटाए जाने हेतु पत्र लिखा था। इसके अलावा उपसंचालक पुरातत्व, इंदौर ने अपना निरीक्षण प्रतिवेदन आयुक्त पुरातत्व विभाग अनुपम राजन भोपाल को अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रेषित भी  किया है।

देश और दुनिया का हाल जानने के लिए जुड़े रहे पंजाब केसरी के साथ