बजरंग दल कार्यकर्ताओं और टोल नाके के कर्मचारियों में भिड़ंत


इंदौर: इंदौर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टोल नाके के कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और तोड़-फोड़ की। लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौते का हवाला देते हुए घटना को लेकर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।

पुलिस प्रभारी मीना कर्णावत ने बताया कि इंदौर-देवास टोल नाके पर बजरंग दल के करीब 10 कार्यकर्ताओं और टोल नाके केे कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे। लेकिन दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखकर दिया कि उनके बीच समझौता हो गया है और वे एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते हैं।

टोल कर्मचारियों का आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टोल टैक्स मांगने पर उनसे विवाद किया उन्हें पीटा और कुछ टोल बूथों में तोड़-फोड़ की। यह घटनासीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

वहां, बजरंग दल के सचिन बघेल ने आरोप लगाया कि टोल नाके के कर्मचारियों ने टोल वसूली के दौरान कुछ स्कूल शिक्षिकाओं से बदतमीजी की, जो एक गाड़ी में सवार होकर टोल नाके से गुजर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों ने स्कूल शिक्षिकाओं की गाड़ी पर पथराव किया।

बजरंग दल के कार्यकर्ता शिक्षिकाओं से बदतमीजी के मामले में जब कल कुछ ग्रामीणों के साथ टोल कर्मचारियों से बात करने पहुंचे, तो उन्होंने विवाद शुरू कर दिया। हालांकि, अब दोनों पक्षों में समझौते के बाद मामला समाप्त हो गया है।”