मलेरिया डेंगू के प्रति सावधानी बरतें


मुरैना: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मलेरिया, डेंगू से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें एवं इनसे बचने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। यह बात उन्होंने कलैक्ट्रेट के सभाकक्ष में मलेरिया कार्यशाला के संबंध में उपस्थित लोगों से कहीं। इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी हरिओम सिंह , बीएमओ, स्वास्थ्य अधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला मलेरिया अधिकारी हरिओम सिंह ने बताया कि मलेरिया, डेंगू होने से घबराएं नहीं अपने नजदीकी डाक्टर से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता एएनएम बराबर संपर्क में ग्रामीणों के बीच पहुंचती है आवश्यक हो तो उनसे स्लाइड कराएं और दवाएं प्राप्त करें।

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उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार उल्टियां व सिरदर्द, पसीना आकर बुखार उतरने के बाद थकावट व कमजोरी होना मलेरिया के लक्षण कहे जाते हैं। हरिओम सिंह ने बताया कि व्यक्ति को यदि बुखार हो तो तुरंत रक्त की जांच कराये मलेरिया की पुष्टि होने पर उपचार लें। खाली पेट दवा न लें। मलेरिया हेतु खून की जांच व उपचार सुविधा समस्त शासकीय अस्पतालों पर नि:शुल्क उपलब्ध है। डेंगू मलेरिया फैलने वाले मच्छर टूटे-फटे बर्तन, घमले, बेकार टायर, कूलर, चिकिन गार्डन में रुका हुआ पानी आदि से मच्छर पैदा होते हैं। इसके लिए हमें पुराना कबाड़ा, रुके हुए पानी पर किसी भी प्रकार का तेल 7 दिवस के अंदर डाले। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नीम की पत्ती का सांय के समय धुआं करें और दरवाजे खिड़कियां बंद रखें। सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें। उन्होंने कार्यशाला में आदिमजाति कल्याण विभाग, महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग आदि से अपने-अपने क्षेत्रों में सहयोग की अपेक्षा की है।