आस्था के साथ मना गुरुपूर्णिमा उत्सव


श्योपुर: धर्म-आध्यात्म और संस्कृति के वैभव की दृष्टिï से जगतगुरु कहे जाने वाले भारतवर्ष में आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा का दिन गुरू पूर्णिमा पर्व के रूप में एक महोत्सव जैसे वातावरण में परम्परागत आस्था व उल्लास के साथ मनाया गया। पुण्यभूमि भारत में सुदीर्घकाल से चली आ रही गुरु-शिष्य परम्परा को और अधिक प्रगाढ़ बनाने वाले इस पर्व पर जहां समस्त गुरुस्थलों पर शिष्यों और अनुयायियों का तांता लगा नजर आया वहीं इस पावन पर्व के उपलक्ष्य में सम्पन्न होने वाले विविध आयोजनों ने सत्य-सनातन धर्म संस्कृति में गुरु की महत्ता को प्रमाणित करने का भी काम किया।

धर्मप्रेमियों और संस्कृतिनिष्ठïों की बहुलता वाली शिवनगरी श्योपुर सहित जिले के नगरीय व ग्रामीण अंचल में समय-समय पर विराजित रहकर अनुयायियों पर अपनी अपार कृपा बरसाते रहे तपस्वी संतों और गुरुजनों की साधना और उपस्थिति सहित देह-त्याग तक के साक्षी रहे सभी स्थलों पर गुरु पूजन महोत्सवों को मनाए जाने की तैयारियां बड़े पैमाने पर की गई थीं जहां गुरु को ब्रह्मïा, विष्णु और महेश के समान पूज्य मानने वाले अनुयायी पूरी आस्था के साथ उमड़ते दिखाई दिए जिन्होंने गुरु चरणों में आस्थामय अनुराग के साथ नत-मस्तक होकर अपनी भक्ति भावना और श्रद्घा को उजागर किया।

श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में अनेकानेक गुरु स्थलों पर गुरु महाराज की प्रतिमाओं और उपस्थित संत-समाज के सामूहिक पूजन तथा महाआरती सहित भंडारे के आयोजन भी किए गए, जिनमें भक्तजनों की व्यापक उपस्थिति दृष्टिïगत हुई जो गुरु पूजन करने के बाद कतार में बैठकर सामाजिक समरसता के परिवेश में पावन प्रसाद आस्था सहित ग्रहण करते दिखाई दिए।

शिवनगरी श्योपुर में गुरू पूर्णिमा महोत्सव के चलते अनुयायियों की व्यापक उपस्थिति का केन्द्र बनने वाले स्थलों ऐतिहासिक किले के पाश्र्वभाग में कदवाल किनारे स्थित श्री गुप्तेश्वर महादेव व समीपस्थ सती माता मंदिर, ब्रह्मïलीन तपस्वी संत श्री मगनानंद जी महाराज का सिद्घिस्थल मोतीकुई, साधना क्षेत्र नवलखा हनुमान मंदिर तथा ग्राम जाटखेड़ा व नागदा के बीच स्थित समाधिस्थल श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर शामिल रहे जहां श्रद्घालुओं द्वारा पूजन व अभिषेक कार्यक्रम सहित भंडारों का आयोजन किया गया।

इसी तारतम्य में तपोनिष्ठï संत श्री मधुवनदास जी त्यागी महाराज के अनुयायीजनों ने सीप नदी के तट पर जती घाट स्थित मधुवन वाटिका में बड़ी संख्या में शामिल होकर गुरु पूजन महोत्सव मनाया तथा पंक्ति में लगकर गुरु महाराज की दिव्य प्रतिमा का पूजन किया। वार्ड क्रमांक-03 के अन्तर्गत पंडित पाड़ा क्षेत्र में स्थित गीता-रामायण भवन पर साकेतधाम निवासी ब्रह्मïलीन संत स्वामी श्री कृष्णानंद जी महाराज के अनुयायियों द्वारा सामूहिक पूजन व संकीर्तन का आयोजन किया गया जहां सुबह से ही श्रद्घालुओं का तांता लगा देखा गया। उल्लेखनीय है कि स्वामी जी महाराज के तमाम अनुयायी इस महोत्सव के लिए महाराष्ट के सूरत नगर भी गए हुए हैं जहां वर्ष भर से स्वामी जी महाराज की चरण-पादुकाएं विराजित हैं और अब एक वर्ष की सेवा-सुश्रूषा के लिए अन्यत्र स्थान जाने वाली हैं।

इसी तरह चतरदास जी के टीले पर पूज्य संत श्री चतरदास जी त्यागी और श्री मोहनदास जी त्यागी जी महाराज के शिष्यों द्वारा गुरु पूजन महोत्सव मनाया गया। नगर के शिवपुरी रोड पर श्री गिरवरधारी हनुमान मंदिर के पाश्र्वभाग में स्थित श्री रामकृपा कुंज परिसर में आस्थावान श्रद्घालुओं व शिष्यगणों ने राष्टï्रीय संत श्री कृष्णबिहारी दास जी महाराज का विधि-विधान से पूजन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त कर जीवन को धन्य बनाया।