किसानों को मानाने के लिए CM शिवराज का अनशन


मंदसौर में पिछले 10  दिनों से चल रहा किसान आंदोलन और हिंसा को देखते हुए राज्य के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंदोलन कर रहे किसानो से शांति बनाये रखने की अपील की , इसके साथ उन्होंने आज से भोपाल के दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन उपवास शुरू करने जा रहे हैं | उपवास करने का कारण किसानों और जनता से बात करके शांति बहाली करने का है | मध्य प्रदेश में किसानो के हिंसक आंदोलन को लेकर चारो तरफ से घिरे शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपने सरकारी निवास पर एक प्रेस वार्ता करके कहा कि ‘मैं पत्थर दिल नहीं हूं |

जो अपने किसान भाइयो के दिल का दर्द न समझू शांति बहाली के लिए मैंने फैसला किया है कि कल से मैं वल्लभ भवन (मंत्रालय) में नहीं बैठूंगा | मैं भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठूंगा साथ ही यह भी कहा की में तब तक बैठूंगा, जब तक पुरे राज्य में शांति बहाल न हो जाए’| खबरों अनुसार उन्होंने यह भी कहा की में यही बैठे हुए राज्य की सारी जनता बाते सुनूंगा और फैसला करूंगा | सीएम शिवराज सिंह के लिए दशहरा मैदान में बने मंच पैर ही इनके आराम व कैबिनेट बैठक के लिए व्यवस्था की गई है |

मुख्‍यमंत्री ने यह भी कहा की राज्य का कोई किसान कही न जाये चर्चा के लिए मेरे पास आए | किसानो की सभी समस्याओं को बातचीत से सुलझाया जा सकता है | यही लोकतंत्र का तरीका है’, उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और में राजधर्म का पूरा पालन करते हुए ‘अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा’ चौहान ने किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से दुखी होकर कहा, ‘अराजक तत्वों से निपटेंगे | जनता को सुरक्षा देंगे |

राजधर्म का पालन किया जाएगा’ |उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों ने 18 से 22 साल के बच्चों के हाथ में पत्थर थमाने का काम किया है | कई जगह चक्काजाम की स्थिति होती है और वे (बच्चे) नजर आते हैं | मुझे तकलीफ इस बात से होती है कि पत्थर वाले हाथ भी अपने बच्चों के हैं और उनको नेतृत्व देने वाला तंत्र भी अपना है’ |

यह ह पूरा मामला

मध्य प्रदेश के मंदसौर में दो जून से किसान आंदोलन चल रहा हैं | मध्य प्रदेश के किसानों की मांग है कि उन्हें उनकी फसलों की सही कीमत मिले जो उन्हें अभी नहीं मिल रही है , और योगी सरकार की तरह शिवराज चौहान सरकार भी उनका कर्ज माफ़ करे | जिसे देख तीन जून को राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से मिलकर मामला सुलझने का दावा भी किया था |

जिसके बाद कुछ किसान संघठनो ने आंदोलन वापस भी ले लिया गया था | लेकिन बाकी किसान विरोध प्रदर्शन पर अड़े रहे | जिसके बाद प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबल आमने-सामने आए | इसके बाद दोनों ओर से पथराव हुआ और फिर गोलियां चली, जिसमें पांच किसानों की मौत हो गई |

किसान आंदोलन से जुडी कुछ तस्वीरें 

                                                                   किसान आंदोलन के दौरान आगजनी करते लोग  

                                                                             दमकल गाड़ी को लगाई आग