लम्बी दूरी की ट्रेनों में कोच मित्र होंगे नियुक्त


भोपाल : पश्चिम मध्य रेलवे से गुजरने वाली कई ट्रेनों में अब कोच मित्र नियुक्त किए जाएंगे। सबसे पहले इनकी नियुक्ति भोपाल शताब्दी और यहां से गुजरने वाली राजधानी श्रेणी की ट्रेनों में की जाएगी। कोच मित्र यात्रियों को लिनेन उपलब्ध कराने के अलावा सफाई और छोटी-मोटी रिपेयर करने में सक्षम होंगे। अब लंबी दूरी की ट्रेनों में रेलवे अपने स्टाफ में भारी कमी करने जा रहा है। अब दो एसी कोच के बीच एक कोच मित्र यात्रियों की कंप्लेंट को अटेंड करेगा। पहले चरण में रेलवे बोर्ड ने शताब्दी और राजधानी श्रेणी की प्रीमियम टे्रनों को इस सुविधा के लिए चुना है। इसके अलावा भोपाल शताब्दी के साथ ही यहां से गुजरने वाली बिलासपुर और यशवंतपुर राजधानी में कोच मित्र अपाइंट करेगा। राजधानी जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में कोच अटेंडेंट से लेकर हाउस कीपिंग स्टाफ के करीब 65 कर्मचारी तैनात होते हैं, लेकिन अब दो कोच के बीच एक कोच मित्र की नियुक्ति होगी। 12 से 14 कोच मित्र पूरी राजधानी को और 3 से 4 शताब्दी को अटेंड कर सकेंगे।

फिलहाल कोच अटेंडेंट के पास यात्रियों को लिनेन देने और उन्हें वापस लेने के अलावा कोई काम नहीं होता। अब इन्हीं अटेंडरों को कोच मित्र बनाया जाएगा। इन्हें एसी रिपेयरिंग से लेकर टायलेट क्लीनिंग और टे्रन लाइटिंग की टे्रनिंग दी जाएगी। इनका मोबाइल नंबर कोच में लिखा होगा। कोच में यात्री को कोई समस्या होने पर वे कोच मित्र की सेवा ले सकेंगे। कोच मित्र चोरी या यात्री से दुव्र्यवहार की शिकायत का निराकरण नहीं करेंगे। इसके लिए वे गार्ड को या टीटीई को सूचित करेंगे। रेलवे बोर्ड ने अपने एक पत्र में ट्रेनों के हाउस कीपिंग और क्लीनिंग स्टाफ को मर्ज करने का निर्देश दिया है। इस व्यवस्था से लंबी दूरी की टे्रनों में करीब तीस कर्मचारी कम किए जा सकेंगे। फिलहाल मुंबई राजधानी में इस व्यवस्था की ट्रायल चल रही है। आने वाले महीनों में कोच मित्र की व्यवस्था लंबी दूरी की सुपरफास्ट ट्रेनों में भी दी जाएगी।

मनीष शर्मा