विंध्या की नदी में डूबने से मौत


पन्ना:मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से होकर प्रवाहित होने वाली केन नदी में 14 वर्षीय हाथी विंध्या की डूबने से मौत का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पन्ना टाइगर रिजर्व की हथिनी रूप काली ने वर्ष 2002 में विंध्या को जन्म दिया था। स्वभाव से अत्यधिक नटखट यह हाथी पर्यटकों को सहज ही अपनी ओर आकृष्ट कर लेता था। युवा अवस्था की ओर अग्रसर हो रहे इस हाथी की असमय संदेहजनक परिस्थितियों में मौत से नेशनल पार्क में शोक का माहौल है।

क्षेत्र संचालक विवेक जैन ने आज बताया की हाथी का पोस्टमार्टम कराने के बाद पीपर टोला में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मृत हाथी का बिसरा जांच के लिए विटनरी कालेज जबलपुर भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर हाथियों की मौत डूबने से नहीं होती, क्योंकि हाथी बहुत बड़ तैराक होता है। श्री जैन ने बताया कि मामले की जांच सहायक संचालक मंडला प्रतिभा शुक्ला को सौंपी गई है। मृत हाथी के शरीर में चोट के कोई भी निशान कहीं नहीं पाए गए, जिससे हाथी की मौत के कारणों का पता लगा पाना संभव नहीं हो पा रहा।

मौत से पूर्व विंध्या हाथी ने दो अन्य हाथियों रामबहादुर और वन्या के साथ जंगल में मानसून गश्त भी किया था। बेहद रहस्यपूर्ण ढंग से हाथी की हुई इस मौत ने पार्क प्रबंधन को भी हिला कर रख दिया है।  मौजूदा समय में पन्ना टाइगर रिजर्व में 14 हाथी है। इनका उपयोग बारिश के इस मौसम में जहां पैदल जाना संभव नहीं होता वहां मानसून गश्त के लिए किया जा रहा है।