अवमानना मामले में दोषी युवक को कारावास


जबलपुर : मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आज अवमानना मामलें में दोषी युवक को 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आर एस झा और न्यायाधीश नंदिता दुबे की युगलपीठ ने आज यह सजा सुनाई है। सागर की जिला सत्र न्यायालय द्वारा सागर के सिंधी कैम्प के निवासी श्यामनानी के खिलाफ भेजे गए रिफरेंस पर सुनाई करते हुए न्यायालय ने उसे अपराधिक अवमानना का दोषी करार दिया था।

श्यामनानी पर आरोप है कि उसने 22 अप्रैल 2015 को सागर की मजिस्ट्रेट रेखा मरकाम की अदालत में एक सिविल सूट की पेशी तीन माह के लिए बढ़ाने कहा। इसके साथ ही चिल्लाते हुए धमकी भी दी कि यदि पेशी नहीं बढ़ाई गई तो पूर्व के न्यायाधीशों की तरह उनके खिलाफ भी शिकायत की जाएगी। चिल्लाकर कोर्ट में किए गए दुव्र्यहार को न्यायिक कार्यवाही में बाधा बताते हुए यह मामला हाईकोर्ट को भेजा गया था। इस मामले पर जारी हुए नोटिस के जवाब में युवक ने निचली अदालत के जजों के साथ ही मुख्य न्यायाधीश सहित और जजों पर भी षडय़ंत्र के आरोप लगा दिये।

न्यायालय ने श्यामनानी के खिलाफ अपराधिक अमानना के आरोप तय करते हुए उसे अगली सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश जारी किये थे। न्यायिक आदेश के बावजूद भी आरोपी युवक न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ था। जिसके बाद युगलपीठ ने उसे खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया था। न्यायिक अभिरक्षा में आरोपी युवक को हाईकोर्ट में पेश किया गया। युगलपीठ ने ओपन कोर्ट में आरोपी युवक को उक्त सजा से दण्डित किया। जिसके बाद आरोपी युवक व उसकी बहन की तरफ से क्षमा याचना की गयी। युगलपीठ ने उक्त तल्ख टिप्पणी के साथ क्षमा याचना को खारिज कर दिया।