गर्भवती पंजीकरण और प्रसव में अंतर


भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत संभाग के जिलों में 2015-16 और 2016-17 में गर्भवतियों के पंजीकरण और कुल प्रसवों की संख्या में हजारों का अंतर सामने आया है, हालांकि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को इस पूरी अवधि में संभाग में भ्रूण ङ्क्षलग परीक्षण का कोई मामला नहीं मिला है। विभाग के मंत्री रुस्तम ङ्क्षसह ने आज विधानसभा में कांग्रेस विधायक शैलेंद्र पटेल के एक सवाल के लिखित जवाब में ये जानकारी दी है। जवाब के मुताबिक भोपाल जिले में 2015-16 में 57 हजार 450 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ।

जबकि कुल प्रसव 48 हजार 579 हुए। वहीं 2016-17 में कुल पंजीकरण 55 हजार 992 के मुकाबले 63 हजार 970 प्रसव हुए। जवाब में बताया गया है कि इस अवधि में हरदा, बैतूल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा में भी कुल पंजीयनों के मुकाबले हजारों की कम संख्या में प्रसव हुए, वहीं होशंगाबाद में पंजीकरण के मुकाबले प्रसव संख्या में बढ़ोतरी देखी गई। मंत्री श्री ङ्क्षसह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के प्रसव चार्ट के संधारण की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स या एएनएम की होती है, इस पूरी अवधि में भोपाल संभाग के किसी जिले में भ्रूण ङ्क्षलग परीक्षण का कोई मामला सामने नहीं आया है।