अचानक शराबबंदी भर से नशामुक्ति नहीं हो जाती : चौहान


इंदौर : मध्यप्रदेश को नशे की बुराई से दूर करने का वादा दोहराते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि समूचे प्रदेश में नशामुक्ति अभियान चलाया जायेगा, क्योंकि शराब पर अचानक रोक लगा देने भर से कोई समाज नशे से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता। चौहान ने यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर देपालपुर में चौबीस अवतार मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कहा,  “हमने नर्मदा तटों से पांच-पांच किलोमीटर दूर तक की शराब दुकानें एक अप्रैल से बंद कर दी हैं। अब हम पूरे प्रदेश में नशामुक्ति अभियान चलायेंगे।”

उन्होंने कहा, “नशामुक्ति अभियान के जरिये लोगों को शराब से दूर किया जा सकता है। लेकिन अचानक शराबबंदी भर से पूर्ण नशा मुक्ति नहीं होती है।” चौहान ने कहा कि शराब पर अचानक रोक लगाने वाले कई राज्य नशामुक्ति के मकसद में नाकाम हो गये हैं।

इसलिये मध्यप्रदेश में नशामुक्त समाज के निर्माण के लिये पहले आम लोगों में जागरूकता फैलायी जायेगी। रहवासी इलाकों में कई शराब दुकानों के स्थानांतरण पर खासकर महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री ने पिछले महीने घोषणा की थी कि सूबे की सभी शराब दुकानें सिलसिलेवार तौर पर बंद की जायेंगी।

चौहान ने निर्भया कांड के मुजरिमों को ‘नराधम’ करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर रोक के लिये प्रदेश सरकार आगामी मॉनसून सत्र में विधानसभा में ऐसा विधेयक पेश करेगी जिसमें बलात्कार के दोषियों के लिये मृत्युदंड का प्रावधान किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बलात्कारियों को जेल भेजने के बजाय फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया जाना चाहिये। उन्हें जीवित रहने का कोई हक नहीं है।” उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे दो जुलाई को नर्मदा के दोनों किनारों पर सघन पौधारोपण के महा अभियान में शामिल हों।

पूजा-पाठ के दौरान इस नदी में प्रदूषण न फैलाया जाये और इसके तटों के तय स्थलों पर ही अंतिम संस्कार किया जाये। मुख्यमंत्री ने देपालपुर क्षेत्र के भाजपा विधायक मनोज पटेल की यह मांग पूरी करने का आश्वासन दिया कि नवनिर्मित चौबीस अवतार मंदिर में कुंड बनाने के लिये वहां पाइपलाइन के जरिये नर्मदा का पानी लाया जायेगा। चौहान ने दर्शनार्थियों की सुविधा के लिये इस मंदिर के परिसर में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा भी की।

–  (भाषा)