किसानों की जमीन की कुर्की नहीं होगी


भोपाल: कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि जिन किसानों ने ऋण लिया है, उस जमीन की नीलाम नहीं होगी, न ही इसकी कुर्की होगी। किसी भी सहकारी या अन्य बैंक को इसके लिए किसी तरह के निर्देश नहीं दिए गए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में रोक के निर्देश पहले ही दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में कम बारिश हुई है वहां के किसानों के लिए चिंता की स्थिति है। सरकार भी इसको लेकर चिंतित है और कृषि विशेषज्ञों के साथ इस पर चर्चा कर रहे हैं कि कैसे किसानों की फसल सुरक्षित रखी जा सकती है? जल्द ही इस बारे में सरकार कुछ सुझाव दे सकती है।

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के दो विधायकों ने अपने सवालों के गलत जवाब आने पर सरकार पर आरोप लगाए। ग्वालियर के भितरवार से विधायक लाखन सिंह यादव ने फीडर सेप्रेरेशन योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्तायुक्त काम न होने की बात कहते हुए कहा कि जिन दो कंपनियों से यह काम कराया गया है उन्होंने ठीक काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके क्षेत्र के गांव रूठयाई, डोढ़ा समेत कुछ गांवों मेंं काम पूरा होने की बात अपने जवाब में कह रही है, लेकिन इन गांवों में कोई काम ही नहीं हुआ। इस पर मंत्री पारस जैन ने कहा कि वे विधायक की बात की जांच करा लेंगे और जांच दल में विधायक को भी शामिल करेंगे।

इसी तरह कांग्रेस विधायक गिरीश भंडारी ने ग्रामीण बस्तियों, मजरे टोलों में विद्युतीकरण से जुड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में मेरे दो सवालों में अलग-अलग जवाब आए हैं। उन्होंने कहा कि एक सवाल के जवाब में काम पूरा होने की बात कही गई है, वहीं दूसरे सवाल के जवाब में बताया गया है कि काम चल रहा है। इस पर विस अध्यक्ष ने कहा कि एक सवाल उनका फीडर सेप्रेरेशन से जुड़ा है और दूसरा विद्युतीकरण से।

दोनों सवाल अलग है इसलिए जवाब भी अलग-अलग हैं। विधानसभा में बीएसपी विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार समेत अन्य विधायक एप्रिन पहनकर पहुंचे। इनके द्वारा पहने गए एप्रिन पर किसानों से संबंधित मांगें लिखी थीं। विधायक सिकरवार ने इस दौरान कहा कि मंदसौर में किसानों पर गोली चलाई गई, किसानों की हत्या की गई।

यह सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। एप्रिन पर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा के मुद्दे लिखे हुए थे। इस बीच उन्होंने कहा कि किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी, किसानों के फर्जी बिल माफ करो, किसानों के कर्ज माफ करो, किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लो तथा किसानों के हत्यारों को फांसी दो के नारे भी लगाए गए।