नर्मदा के विस्थापितों का दमन कर रही है सरकार


भोपाल: सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर अनशन पर बैठी मेधा पाटकर को कल 12वें दिन पुलिस ने उन्हें जबरन अनशन स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनके साथ ही 11 अन्य लोगों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। इस बीच पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई। आंदोलित विस्थापितों का कहना है कि आंदोलनकारियों को खदेडऩे पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया, जिसमें महिलाएं एवं बच्चे भी शामिल थे। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने विस्थापितों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपने अधिकार को लेकर आंदोलन कर रहे विस्थापितों पर प्रदेश सरकार के दमन का जवाब जनता देगी।

उन्होंने कहा कि सुश्री पाटकर शीघ्र स्वस्थ हों, यह सभी की कामना है, लेकिन उनकी इस हालत के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि नर्मदा के विस्थापितों के हक की लड़ाई हर कीमत में जारी रहेगी।

इधर सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित लोगों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सरदार सरोवर बांध प्रोजेक्ट के विस्थापितों को हटाने की डेडलाइन बढ़ाने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव करने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में विस्थापन की अंतिम तारिख 31 जुलाई नियत की थी। विस्थापन की तारिख आगे बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर कोर्ट ने आज सुनवाई की।

सुप्रीम कोर्ट में मध्यप्रदेश सरकार ने कहा कि हम हटाए गए सभी लोगों के लिए उचित इंतजाम कर रहे हैं। याचिका में डूब क्षेत्र से हटाने की मियाद बढ़ाने की मांग की गयी थी। सुप्रीम कोर्ट ने विस्थापितों की याचिका खारिज करते हुए अपने आदेश में पूर्व में जो 31 जुलाई तक डेडलाइन दी है, उसमें बदलाव करने से इंकार कर दिया है। जिससे अब हर हालत में आंदोलन कर रहे विस्थापितों को हटना होगा।