खरीफ फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 16 अगस्त


 ग्वालियर संभाग के कमिश्नर श्री एस.एन. रूपला ने कृषि एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों से कहा है कि किसानों का शत-प्रतिशत खरीफ फसल बीमा होना सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि खरीफ ऌ फसल बीमा की प्रगति ठीक नहीं है। इसकी अंतिम तिथि भी 16 अगस्त 2017 निर्धारित है।

फसल बीमा कराने के लिये गवर्मेंट ऑफ इंडिया के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के पोर्टल पर अपलोड करना है। अऋणी किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी)और बैंक तथा ऋणी किसान बैंकों में पहुंचकर बीमा कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। किसानों को अपने साथ बोनी का प्रमाण-पत्र और बीमा की 2 प्रतिशत प्रीमियम राशि लानी होगी। कमिश्नर श्री रूपला मानसभागार में आयोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्नर ने कृषि, उद्यानिकी, बीमा कंपनियों से जुड़े अधिकारियों को पुन: निर्देश देते हुए कहा कि खरीफ फसल के दौरान शत-प्रतिशत किसानों का फसल बीमा कराने के लिये मुहिम चलाई जाये।

उन्होंने कहा कि कृषि संयुक्त संचालक हर सप्ताह बीमा किए गए किसानों की बीमा अपडेट रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के दौरान कुल बीमित राशि का किसानों द्वारा दो प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करना है। 4 प्रतिशत राज्य और 4 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में भरी जायेगी। इसकी अधिसूचना 8 जून को जारी की जा चुकी है। कमिश्नर ने कहा कि खरीफ फसल के दौरान तिल, उड़द, मुंगफली,धान, अरहर, सोयाबीन फसल का बीमा होना है।

प्रत्येक हल्केवार ऋणी और अऋणी किसानों का बीमा हो, कोई भी कृषक बीमा कराने से वंचित नहीं रहे।  6 अगस्त 2017 बीमा कराने की अंतिम तिथि है। मात्र 15 दिवस का समय है। कृषि का मैदानी अमला किसानों का बीमा कराने के लिये जुट जाये। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही एवं उदासीनता न बरती जाए। इस अवसर पर कमिश्नर ने बोनी की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रतिदिन की अपडेट जानकारी प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अभी तक 43 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में ही बोनी हुई है जो काऌफी पीछे है। उन्होंने सॉईल हैल्थ कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।