वन्य प्राणी अंगों की ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिये नोटिस


भोपाल: मध्यप्रदेश राज्यस्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने स्नेपडील, इण्डिया मार्ट, विश एण्ड बॉय एवं क्रॉफ्ट कम्पेरिजन कम्पनियों को अपने ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल पर वन्य प्राणी अवयवों का विक्रय करने पर नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे अपनी वेबसाइट से वन्य प्राणी अवयवों की बिक्री एवं उससे संबंधित सभी सूचनाएँ तत्काल हटायें। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि वन्य प्राणी अवयवों के व्यापार में सम्मिलित होने के कारण क्यों न उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाये? टाइगर स्ट्राइक फोर्स की इंदौर इकाई ने विगत 15-16जून को इंदौर के विजय नगर क्षेत्र से शुभ भक्ति नामक कम्पनी के परिसर से वन्य प्राणियों के अंगों से निर्मित हत्थाजोड़ी और सियार सिंगी जप्त की थी।

इस दौरान कम्पनी के मालिक सुमित शर्मा, सचिन शर्मा और फिरोज अली को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया था कि वे अपनी कम्पनी से पूजन सामग्री का व्यापार करते हैं और ऊंचे दामों पर बेचते हैं। आरोपियों ने बताया कि लोगों के अंधविश्वास जैसे हत्थाजोड़ी से कोर्ट केस में जीत होगी, पास रखने पर धन वर्षा होगी, संतान सुख मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और सारी समस्याएं खत्म हो जायेंगी, इससे इन अवयवों की अच्छी बिक्री होती थी, लेकिन अब इन अवयवों के कारण वे खुद मुसीबत में फंस गये हैं।

पकड़े गये सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि वे उक्त चारों वेबसाइट के माध्यम से भी वन्य-प्राणियों का व्यापार करते हैं। बचाव में अपराधियों ने बताया कि कि यह सामग्री वन्यप्राणियों की न होकर पौधों की जड़ आदि हैं। हालांकि फारेंसिक जांच में वन्य प्राणियों के अवयव होने की पुष्टि हुई।

गौरतलब है कि प्रदेश एवं भारत के अन्य राज्यों में व्याप्त अंधविश्वासों के चलते वन्य प्राणी अवयवों के दुरुपयोग की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन ऑनलाइन बिक्री के कारण इनका स्वरूप बदल गया है। पिछले दिनों क्राइम कंट्रोल ब्यूरो द्वारा भी दिल्ली, आंध्रप्रदेश, ओडिसा से भी इस प्रकार की कार्रवाई संबंधी प्रकरण दर्ज किये गये थे। इंदौर में हुई कार्रवाई में वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी भी शामिल थे।

इधर वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार के अंधविश्वास और वन्य प्राणी अवयवों से होने वाले छद्म लाभ एवं प्रलोभनों से दूर रहें तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणी अवयवों को अपने पास रखना, व्यापार करना, उपयोग करना कानूनन अपराध है।