नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र भारती को नोटिस


जबलपुर: निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा का निर्वाचन अयोग्य घोषित करने के फैसले के बाद भी उनकी विधानसभा सीट रिक्त नहीं घोषित किए जाने के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आज मंत्री श्री मिश्रा और उनके खिलाफ आयोग में याचिका दायर करने वाले राजेंद्र भारती को नोटिस जारी किया है।एक पत्रकार सुरेंद्र दुबे ने इस बारे में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है।

याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश हेमंत गुप्ता तथा न्यायाधीश वीके शुक्ला की युगलपीठ ने निर्वाचन आयोग के समक्ष शिकायत करने वाले राजेन्द्र भारती को अनावेदक बनाने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने मंत्री श्री मिश्रा तथा श्री भारती को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 11 जुलाई को निर्धारित की है।

याचिका में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 190 (3) का हवाला देते हुए कहा गया था कि यदि किसी विधायक को अयोग्य करार दिया जाता है तो उसके निर्वाचन वाली सीट को रिक्त माना जाएगा।

संविधान में प्रावधान होने के बावजूद भी प्रदेश के राज्यपाल, विधि विभाग के प्रमुख सचिव तथा चुनाव आयोग मंत्री श्री मिश्रा की विधानसभा सीट को रिक्त घोषित करने कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं, जो असंवैधानिक है। जिस पर अगली सुनवाई 10 जुलाई को निर्धारित है। सरकार की तरफ से याचिका की सुनवाई जनहित के रूप में लिए जाने पर भी आपत्ति व्यक्त की गई, लेकिन युगलपीठ ने आपत्ति को खारिज करते हुए ये निर्देश जारी किए।