मंडियों से गायब प्याज की जांच में जुटे अधिकारी


भोपाल: राजधानी भोपाल की मंडियों से गायब हुई 17 हजार 400 क्विंटल प्याज की जांच रिपोर्ट शुक्रवार तक कलेक्टर सुदाम खाडे के सामने होगी। एडीएम जीपी माली के नेतृत्व में जांच दल ने खरीदी में लगे मार्कफेड और मंडी प्रशासन से खरीदी के आंकड़े मांगे हैं। विभागों को यह जानकारी एक प्रारूप में भर कर देनी है।

इसमें अधिकारियों को यह बताना होगा कि प्याज किस किसान से खरीदी गई है, जिस गाड़ी में प्याज आई उसका नंबर क्या था और किसान कौन से गांव से आया था। किसान से लिए गए दस्तावेज के साथ फोन नंबर भी दर्ज करना होगा। गौरतलब है कि सरकार के समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदी के आदेश के बाद 23 जिलों में प्याज की खरीदी की गई थी। इस दौरान उज्जैन, शाजापुर, धार, राजगढ़, सीहोर, इंदौर और भोपाल में प्याज की बंपर खरीदी की गई थी। शासन द्वारा इतनी प्याज खरीदी गई कि इसे रखने से लेकर बारिश से बचाने तक का संकट खड़ा हो गया था। यही कारण है कि बारिश में अधिकांश प्याज भीग जाने से सढ़ गई।

इतनी बड़ी मात्रा में प्याज के सडऩे और प्याज के चोरी जाने को लेकर राजधानी भोपाल में इतना बड़ा हंगामा खड़ा हो गया कि विभागीय अधिकारी सहित दूसरे विभाग के आला अधिकारियों ने गायब प्याज को लेकर जमकर नाराजगी जताई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कलेक्टर खाडे को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में जल्द रिपोर्ट पेश करें। यदि सच में गड़बड़ी हुई है, तो इसके पीछे गड़बड़ी करने वालों के नाम सामने लाएं और उस पर कार्रवाई भी करें। इस मामले में विभागीय मंत्री ने भी रिपोर्ट तलब की है।

सरकार द्वारा 23 जिलों में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई बम्पर प्याज को नीलाम कराया, फिर पीडीएस में सप्लाई कराई। इसके बाद भी सरकार के पास प्याज का स्टॉक खत्म नहीं हो सका। अब बारिश में भीगने से बड़ी मात्रा में प्याज सड़ गई है। ऐसे में शासन द्वारा इस प्याज के विनिष्टीकरण की कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए।

इसी बीच भोपाल में इसके विनिष्टीकरण की कार्रवाई के दौरान करीब 1 करोड़ 38 लाख रुपए कीमत की प्याज ही गायब हो गई। हालांकि इसकी जांच चल रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के अन्य 22 जिलों में अभी तक विनिष्टीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। यहां पदस्थ अधिकारी प्याज की नीलामी कराने की बात कह कर अपना बचाव कर रहे हैं।