खरीदी केन्द्रों में खुले में रखी प्याज, खराब होने की संभावना


भोपाल: मध्यप्रदेश में प्याज को लेकर हाहाकार जैसी स्थिति बनी हुई है। खरीदी केंद्रों के बाहर प्याज से भरी 15 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कतार में खड़ी हैं। इनमें करीब 4 लाख क्विंटल प्याज खुले में पड़ी है। अगले 48 घंटों में मानसून प्रदेश में दस्तक देने वाला है। बीते दिन बुधवार को भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। वहीं कल गुरूवार को भी कुछ स्थानों में प्री-मानसून बारिश हुई।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि बारिश जारी रही तो खुले में पड़ी करीब 4 लाख क्विंटल प्याज सड़ जाएगी। खास बात यह है कि सरकार ने प्याज खरीदी केंद्र तो बना दिए हैं, लेकिन प्याज भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं की है। अपनी उपज के बचाव हेतु किसानों ने अपने स्तर पर पॉलिथीन लेकर आयें हैं। औसतन एक ट्रॉली में 30 क्विंटल प्याज भरी जाती है, लेकिन फिलहाल ट्रॉलियों में इससे भी अधिक प्याज खरीदी केंद्रों पर लाई जा रही है। भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकार और किसान दोनों संकट में है।

खरीद केंद्रों पर प्याज की बढ़ती आवक को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि 24 जून के बाद जो भी किसान प्याज लेकर मंडी पहुंचेगा, उसकी पड़ताल कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि किसान के पास जमीन कितनी थी, कितने रकबे में प्याज की फसल बोई गई और वह कितनी फसल बेचने आया।

उद्यानिकी विभाग के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने कहा कि अब जिस जिले में प्याज की खरीदी की जा रही है, उसके भंडारण व्यवस्था स्थानीय वेयरहाउसिंग के गोदामों में की जा रही है। इस बीच प्याज खरीदी की समीक्षा के लिए हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में पता चला कि टीकमगढ़ व सागर की मंडियों में प्याज खरीदे जाने के दौरान किसानों से प्रमाण पत्र भी लिया जा रहा है। इसमें किसानों से पूछा जा रहा है कि जो प्याज उन्होंने बेची है, वह उनके ही खेत में पैदा हुई है या नहीं।

दोनों जिलों के कलेक्टरों ने कृषि उत्पादन आयुक्त पीसी मीणा को यह बात बताई। इस बीच देवास कलेक्टर ने बताया कि जिले में 125 क्विंटल प्रति हेक्टयेर प्याज की पैदावार हुई है। इस पर एपीसी ने कहा कि आप आंकड़े चेक कर लें, क्योंकि प्याज की औसत पैदावार 30 टन प्रति हेक्टेयर है। इसी तरह राजगढ़ व सीहोर जिले में प्याज की खरीदी पर हुई चर्चा में पता चला कि किसानों से प्याज की ख्ररीदी के साथ ही पीडीएस से बिक्री भी शुरु कर दी गई है। इस पर एपीसी ने पीडीएस बिक्री को तत्काल बंद करने के  निर्देश दिए।