विपक्ष ने की इस्तीफे की मांग, भाजपा अध्यक्ष का इंकार


भोपाल: भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने भिंड जिले की एक अदालत द्वारा प्रदेश के नर्मदा घाटी एवं सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लालसिंह आर्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के मामले पर कहा है कि मामले में मंत्री को इस्तीफा देने की कोई आवश्यकता नहीं है और वे इस्तीफा नहीं देंगे।

पार्टी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में चौहान के हवाले से कहा गया है कि माखनलाल जाटव हत्या के जिस मामले को लेकर न्यायालय में धारा 319 के तहत आर्य को अभियुक्त बनाने की अपील की गयी थी, उसमें न्यायालय ने आर्य को बिना समन जारी किए ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। जब यह बात श्री आर्य की ओर से संज्ञान में लायी गयी तो न्यायालय ने इस गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी।

चौहान ने कहा कि पार्टी को न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और विश्वास है कि श्री आर्य का किसी हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है, इसलिए हम उच्च न्यायालय में जायेंगे। पुलिस की जांच में आर्य को क्लीनचिट के बाद सीबीआई ने भी उन्हें क्लीनचिट दी है। भारतीय जनता पार्टी न्यायालय का पूरा सम्मान करती है, लेकिन इस कार्यवाही से हम सहमत नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य की विजय होगी।

भिंड जिले की एक अदालत ने तत्कालीन कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की हत्या के मामले में गोहद विधायक आर्य को भी आरोपी बनाकर कल उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हालांकि वारंट जारी होने के बाद श्री आर्य की तरफ से वकील अवधेश सिंह कुशवाह ने विशेष न्यायालय में आवेदन लगाकर उनकी गिरफ्तारी स्थगित करने का निवेदन किया, जिसे न्यायाधीश ने स्वीकार कर तीन जून 2017 तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

गोहद विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की गोहद के छरेंटा गांव में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 13 अप्रैल 2009 की देर शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कल ये वारंट आने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आर्य के इस्तीफे की मांग की थी।

(वार्ता)