रोटी, कपड़ा व मकान पर जीएसटी दरें कम हों


इंदौर : केंद्र के एक जुलाई से प्रस्तावित वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के मौजूदा स्वरूप को लेकर विरोध का इजहार करते हुए मध्यप्रदेश के प्रमुख कारोबारी संगठनों ने आज प्रदेश सरकार से मांग की कि आम आदमी की रोटी, कपड़ा और मकाने की चीजों पर जीएसटी की दरें घटवाने के लिये फौरन जरूरी कदम उठाये जाये। प्रदेश के विथ मंत्री जयंत मलैया के साथ यहां रेसीडेंसी कोठी में तीन घंटे की बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों के करीब 50 कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वाणिज्य जगत के हितों की रक्षा के लिये सीमेंट, फ्लोर टाइल्स, नमकीन उत्पादों, घी, ब्रांडेड अनाज, ब्रांडेड कपड़ों, दवाओं आदि वस्तुओं पर कर की दर घटाये जाने की जरूरत है। इस दौरान प्रदेश के वाणिज्यिक कर आयुक्त राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद थे। मलैया ने कारोबारियों को भरोसा दिलाया कि वह सूबे के कारोबारियों के सुझावों को प्रस्तावों की शक्ल में जीएसटी परिषद की 18 जून को होने वाली बैठक में रखेंगे। सूबे के विथ मंत्री ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि मुझे लगता है कि कुछ वस्तुओं पर जीएसटी की दरें अधिक हैं, लेकिन ये दरें घटाने का निर्णय आखिरकार जीएसटी परिषद को करना है। हम कारोबारियों के उठाये मुद्दों को प्रस्ताव के रूप में जीएसटी परिषद की आगामी बैठक में रखकर केंद्रीय विथ मंत्री अरुण जेतली से उचित कदम उठाने का अनुरोध करेंगे।

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मलैया ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद भी जीएसटी परिषद वजूद में रहेगी। यह परिषद बाद में भी सभी संबंधित पक्षों से राय-मशविरा करने के बाद करों की दरों और नयी कर प्रणाली की अन्य प्रक्रियाओं में बदलाव और जरूरी सुधार कर सकती है। यह पूछे जाने पर कि करों की दरों और विसंगतियों को लेकर व्यापारियों के विरोध के मद्देनजर क्या जीएसटी एक जुलाई से लागू हो सकेगा, उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार जीएसटी को एक जुलाई से लागू करेगी, तो जाहिर है कि यह नई कर प्रणाली देश में शुरू हो ही जायेगी। कारोबारियों द्वारा जीएसटी की कराधान प्रक्रियाओं को जटिल बताये जाने के बारे में पूछे जाने पर मलैया ने कहा कि वाणिज्यिक कर विभाग प्रदेश भर में कार्यशालाओं के आयोजन के जरिये कारोबारी जगत को जीएसटी के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देगा। इस बीच, इंदौर के प्रमुख कारोबारी संगठन अहिल्या चैम्बर ऑफ कॉमर्स के कोषाध्यक्ष रसनिधि कुमार गुप्ता ने बताया कि जीएसटी के जटिल नियमों और विसंगतियों के विरोध में कल 15 जून को शहर की दुकानें और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि शहर के 47 कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक में यह फैसला किया गया। हालांकि, एक दिन के बंद के दौरान दवा की खेरची दुकानों, पेट्रोल पम्पों और डेयरी उत्पादों की दुकानों को खुला रखा जायेगा।