अनुसूचित जाति के शिक्षित बेरोजगार होंगे लाभांवित


ग्वालियर: मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्यण योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से चालू माली साल के दौरान 81 अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगारों को लाभान्वित किया जायेगा। इसके लिये सहायक आयुक्त आदिवासी विकास वित्त एवं विकास निगम ने 31 जुलाई तक अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगारों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।

आदिवासी विकास ग्वालियर के सहायक आयुक्त ने एक जानकारी में बताया कि चालू माली साल के दौरान मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगारों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 50 शिक्षित बेरोजगारों को, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 30 शिक्षित बेरोजगारों को और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में एक व्यक्ति को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 50 हजार से 10 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाएगा। इस योजना में परियोजना लागत का 30 प्रतिशत या अधिकतम दो लाख रुपए तक की मार्जिनमनी सहायता दी जायेगी। इसी तरह मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 50 हजार रुपए तक का ऋण दिया जायेगा।

इस योजना में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 हजार रुपए की मार्जिन मनी की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 10 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक का ऋण दिया जायेगा।  इस योजना में परियोजना की पूंजी लागत का 15 प्रतिशत या अधिकतम 12 लाख रुपए की मार्जिन मनी की सहायता दी जायेगी।

पात्रता की शर्तों के अनुसार योजनांतर्गत आवेदन पत्र दिनांक 31 जुलाई 2017 तक निर्धारित आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम ग्वालियर से कार्यालयीन समय में प्राप्त एवं जमा किए जाएंगे।