सातवें वेतनमान को तय करने बना सॉफ्टवेयर


भोपाल: प्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को सातवां वेतनमान जुलाई के वेतन में जोड़कर देने के लिए वित्त विभाग पहली बार सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करेगा। विभाग ने एनआईसी से सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है, जिसमें कर्मचारी कोड डालने पर नए वेतन के हिसाब से गणना पत्रक निकल आएगा। वेतन का निर्धारण विभागाध्यक्ष के स्तर पर होगा। बताया जा रहा है कि वित्त विभाग अगले तीन-चार दिन में नए वेतनमान का गणना पत्रक जारी करेगा।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिकि कैबिनेट के फैसले की प्रति मिलने के बाद सातवें वेतनमान के आदेश जारी होंगे। इसमें नए वेतन की गणना का फॉर्मूला रहेगा। अधिकारी-कर्मचारी इसे देखकर उन्हें मिलने वाले वेतन का हिसाब लगा लेंगे।

इसमें सभी कर्मचारियों से विकल्प भरवाए जाएंगे। जो कर्मचारी नए वेतनमान से संतुष्ट नहीं होगा, उसे छठवें वेतनमान के हिसाब से ही वेतन लेने का विकल्प पत्र भरकर देना होगा। एक या दो अगस्त को मिलने वाला वेतन नए वेतनमान के हिसाब से देने के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से वेतन पत्रक निकाला जाएगा। इससे संतुष्ट होने पर कर्मचारी अपना विकल्प और सहमति पत्र भरकर विभागाध्यक्ष को देगा।

इसके आधार पर वेतन के बिल बनेंगे। वहीं पेंशनर भी अब सातवें वेतनमान के हिसाब से पेंशन तय करवाने के लिए सरकार पर  दबाव बनाएंगे।  इसके लिए मुहिम मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक साथ चलेगी। दरअसल छठवें वेतनमान के समय प्रदेश सरकार ने 38 माह का एरियर नहीं दिया था, जबकि छत्तीसगढ़ सरकार इसके लिए सहमत थी।

चुनाव लडऩे की इच्छा जताने वाले डीएसपी का तबादला: राज्य सरकार ने चुनाव लडऩे की इच्छा जताने वाले डीएसपी पन्नालाल अवस्थी का तबादला कर दिया है। उन्हें चित्रकूट एसडीओपी से सीआईडी शिफ्ट किया गया है। उन्हें सीआईडी में डीएसपी बनाया है।

पन्नालाल की जगह भांडेर के एसडीओपी आलोक शर्मा को चित्रकूट एसडीओपी बनाया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले डीएसपी पन्ना लाल ने फेसबुक पर चुनाव लडऩे की इच्छा जताई थी। अवस्थी ने कुछ दिनों पहले फेसबुक पर लिखा था कि मौका मिला तो चुनाव जरूर लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने बाद में यह पोस्ट हटा ली। तबादले के बाद भी उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली, जिसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में न आने का एक नुकसान यह है कि अयोग्य लोग आप पर शासन करते हैं।