एटीएम से निकला फटा नोट,बैंक ने किया लेने से इंकार


श्योपुर:मंगलवार को एक ग्राहक की एटीएम से दो हजार रुपए का फटा नोट निकला, लेकिन ग्राहक जब उक्त नोट को एसबीआई में जमा करने गया तो न तो नोट बदला गया और उल्टा प्रभारी बैंक मैनेजर जयराम मीणा ने उसके साथ अभद्रता भी की। ग्राहक ने जिला कलेक्टर से प्रभारी मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार नयाबांस मोहल्ला श्योपुर निवासी राजा खान पुत्र रईस खान का सेंट्रल बैंक में खाता है। मंगलवार की अपरान्ह करीब चार बजे राजा पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकालने गया था। उसने 10 हजार रुपए निकाले।

एटीएम से दो-दो हजार के पांच नोट निकले,लेकिन एक नोट चार जगह से फटा होकर उसमें टेप चिपका हुआ निकला। हालांकि राशि निकालते वक्त ग्राहक की पर्ची नहीं निकली। उक्त नोट को लेकर राजा खान पहले एसबीआई की स्टेशन रोड वाली शाखा में गया,लेकिन वहां नोट जमा करने से स्पष्ट इंकार कर दिया। यही नहीं प्रभारी बैंक मैनेजर श्री मीणा ने ग्राहक के साथ अभद्रता करते हुुए उल्टी-सीधी बातें कीं,जो एक बैंक कर्मचारी को शोभा नहीं देतीं।

ग्राहक इस फटे नोट को लेकर अपने खाते वाले बैंक में भी गया,लेकिन वहां भी उक्त नोट को लेने से स्पष्ट इंकार कर दिया। बैंकों द्वारा फटा हुआ नोट नहीं लिए जाने के कारण उसे दो हजार रुपए की आर्थिक चपत लग गई है। ध्यान रहे कि इस तरह के फटे नोट निकलना आम बात हो गई है।

एसबीआई के कर्मचारी सांठगांठ करके लोगों से फटे हुए नोटों को कम कीमत में ले लेते हैं और उन्हें एटीएम में भर देते हैं,जिसके चलते कई ग्राहकों को आए दिन आर्थिक चपत लगती रहती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि बैंक अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक ग्राहक की एक नहीं सुनते हुए दुत्कार कर भगा देते हैं।

पीडि़त राजा खान निवासी श्योपुर का कहना है कि एसबीआई के कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण ही एटीएम से फटे हुए नोट निकलते हैं और जब ऐसे नोट जमा करने जाते हैं,तो नोट जमा नहीं किए जाते हैं,उल्टा बैंक के अधिकारी-कर्मचारी अभद्रता से भी पेश आते हैं। आज मेरे साथ प्रभारी बैंक मैनेजर जयराम मीणा ने अभद्रता की, लिहाजा उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इस मामले को लेकर जब एलडीएम श्योपुर ओपी गुप्ता से बात की गई तो उनका कहना है कि कि मेरी एसबीआई के अकाउंटेंट श्री गुप्ता से बात हुई है। उनका कहना है कि दो हजार का नोट चार जगह से फटा होकर उस पर टेप चिपका हुआ है। ऐसे नोट बैंक कभी एटीएम में नहीं भरती है। ऐसे में उक्त नोट रिप्लेश होना संभव नहीं है। यदि दो हजार का नोट थोड़ा बहुत भी फ टा होता तो नोट बैंक में जमा भी किया जा सकता था।