प्रदेश बंद का खासा असर


भोपाल : मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों के उग्र आंदोलन के दौरान गोलीबारी में छह लोगों की मौत के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रदेश बंद के आह्वान का राज्य के पश्चिमी हिस्से में खासा असर दिखाई दे रहा है। राजधानी भोपाल के मुख्य बाजारों में बंद का ज्यादा असर नहीं दिख रहा। राजधानी के मुख्य चौक बाजार, सर्राफा और न्यूमार्केट समेत अन्य सभी व्यावसायिक क्षेत्र खुले हुए हैं। यहां मिली खबरों के मुताबिक अब तक आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहे इंदौर जिले के कई हिस्से पूरी तरह बंद हैं।

किसानों की गतिविधियों से जुड़े इंदौर के राऊ, सांवेर, मांगलिया, देवगुराड़यिा आदि क्षेत्रों में बंद का व्यापक, जबकि मुख्य बाजारों में बंद का मिला-जुला असर है। इंदौर में कल कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की अगुवाई में हजारों किसानों के कलेक्ट्रेट तक पहुंचने और बाद में श्री पटवारी को हिरासत में लेने के बाद सुबह से कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील कर रहे हैं। इंदौर से सटे उज्जैन में भी व्यापारियों ने शांतिपूर्ण बंद किया है।

सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिलों से निकलते हुए लोगों से अपने प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। प्रशासनिक अमला जिला मुख्यालय पर विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से गश्त पर है। उज्जैन में ऐहतियातन प्रशासन ने इंटरनेट और संचार सेवाओं पर रोक लगा दी है। वहीं धार में भी बंद का व्यापक असर है। जिला मुख्यालय के कई बाजार पूरी तरह बंद हैं। सीहोर में किसानों के प्रदर्शन के बाद बंद का मिला-जुला असर है। जिले के आष्टा में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं, जबकि इछावर और जिला मुख्यालय इससे कम प्रभावित दिखाई दे रहे हैं।

अब तक उग्र आंदोलन का सामना कर रहे नीमच और मंदसौर के करीबी रतलाम में बंद का मिला-जुला असर दिख रहा है। महाराष्ट्र की सीमा से लगे बड़वानी में भी बंद का मिला-जुला असर है। जिले के बोरलाय में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंदसौर की घटना पर विरोध प्रदर्शन करते हुए खंडवा-बड़ोदरा राजमार्ग पर चक्काजाम कर कलेक्टर तेजस्वी नायक को ज्ञापन सौंपा।

वहीं सेंधवा में भी कांग्रेस ने रैली निकाली। बंद का समर्थन कर रही कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा के मुताबिक प्रदेश में बंद का व्यापक असर है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मंदसौर आने का कार्यक्रम तय हुआ है और वे किसी भी समय मंदसौर जिले पहुंचने का प्रयास करेंगे। वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव भी मंदसौर के लिए रवाना हो गए हैं। बंद का आह्वान करने वाले राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रदेश प्रवक्ता सुनील गौर ने कहा कि दोपहर दो बजे तक बंद किया जाएगा। सभी व्यापारियों और व्यावसायिक संगठनों से अपील की गई है कि वे प्रदेश के किसानों के हित में अपने प्रतिष्ठान बंद रखें।

बंद विरोध के लिए नहीं। बल्कि किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए है। सरकार के समक्ष कर्जमाफी और लागत के आधार संबंधित सिर्फ दो ही मांगे रखी गई हैं। मंदसौर में कल उग्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कम से कम दो लोग घायल हुए थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर दु:ख जताते हुए मारे गए लोगों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपए की सहायता और एक-एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबक श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार घायलों का नि:शुल्क इलाज कराएगी और उन्हें सहायता के रूप में पांच पांच लाख रुपए देगी। मृतकों के एक-एक परिजन को योग्यतानुसार सरकारी सेवा में रखा जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि घायलों का बेहतर से बेहतर और नि:शुल्क इलाज कराया जाए।