किसानों के हित के लिए किसी भी सीमा पर जाएंगे


सतना: प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश की सरकार गांव गरीब किसान की सरकार है और किसानों के हित के लिए हम किसी भी सीमा तक जाने के लिए तैयार हैं। हमने यह सिर्फ कहके नहीं बल्कि करके दिखाया है। श्री चौहान यहां जिले के चित्रकूट में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 12- 13 वर्षों में हमने सिंचाई की क्षमता को 7.30 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4000000 हेक्टेयर के ऊपर पहुंचा दिया है और हम संकल्प लेते हैं कि 5 साल में यह क्षमता 60 लाख हेक्टेयर कर देंगे।

किसानों के हित में तीव, गति से काम करेंगे तभी प्रधानमंत्री के सपनों का नया भारत बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पहला राज्य है जहां किसानों की आय को दुगना करने का रोडमैप तैयार हो चुका है। आने वाले दिनों में हर ब्लॉक में रोड मैप पर कार्यशाला कराई जाएगी। पूरे 1 महीने तक यह कार्यक्रम चलेगा। उन्होंने किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि वह भी इन कार्यशाला में भाग लें और अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी कराएं। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की चर्चा करते हैं उन्हें दरअसल यह पता नहीं है कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां स्वामीनाथन की रिपोर्ट से कहीं अधिक हमने किसानों के लिए किया है।

उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग 4 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज देने की बात करता है, लेकिन मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसने कांग्रेस के जमाने के 18 प्रतिशत ब्याज को धीरे-धीरे कम किया और अब तो मूलधन पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। स्वामीनाथन आयोग ने सिंचाई क्षमता की जो बात की है उससे कई गुना अधिक सिंचाई क्षमताओं का विस्तार हम कर चुके हैं। किसानों के बीच जाकर चर्चा करना चाहिए कि अब मॉडल खेती को अपनाने का जमाना आ गया है केवल परंपराएं खेती करने से अब काम चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि मूंग उड़द और तुवर को भी खरीदने का फैसला किया है।

समर्थन मूल्य से कम पर उत्पाद यदि बिकेगा तो गेहूं के साधन भी हम खरीदेंगे। किसान मोर्चा के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसान को भाव अंतर योजना के बारे में समझाएं।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और इस देश की संस्कृति ऐसी है कि किसान अपनी मस्ती और संतुष्टि में जीता है इसलिए हमें उसकी संतुष्टि और मस्ती को बनाए रखने के लिए जी तोड़ मेहनत करना पड़गी।