भाजपा में मलाई खाने, दरी उठाने वाले कार्यकर्ता


भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में असंतोष बढऩे का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा में दो तरह के कार्यकर्ता हैं, एक वे हैं जो सत्ता की मलाई खा रहे हैं तो दूसरे वे हैं जो दशकों से दरी उठाते आ रहे हैं। सिंह ने अपने आवास पर बुधवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा में हर स्तर पर असंतोष बढ़ रहा है। कई बगावत कर चुके हैं तो कई बगावत करने की तैयारी में है, इसकी वजह मूल भाजपाइयों की उपेक्षा है।

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस सहित अन्य दलों से गए नेता सत्ता की मलाई खा रहे हैं, वहीं दशकों से भाजपा के लिए दरी बिछाकर पार्टी के लिए काम करने वाले अब भी उसी स्थिति में है। दल बदल करने वाले विधायक और मंत्री तक बन गए, मगर दशकों से झोला टांगकर गांव-गांव घूमने वाले घरों में बीमार, असक्त पड़े हुए हैं, मगर उनकी खबर लेने वाला कोई नहीं है।” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे नगरीय निकाय के चुनाव के प्रचार में सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के नगरीय निकाय में प्रचार किया था और अब मुख्यमंत्री भी प्रदेश में नगरीय निकाय के चुनाव में लगे हैं।” एक तरफ नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध की जद में आए गांव के लोगों को विस्थापित करने और सरकार द्वारा नर्मदा को जीवित मानव का इकाई घोषित किए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा, ”मुख्यमंत्री चौहान बड़े कलाकार हैं। वे यात्रा करते हैं, नदी को जीवित इकाई घोषित कर देते हैं और सदन में प्रस्ताव नहीं लाते, तो नए कार्यक्रम की योजना बनाते हैं, सरकारी अमला इसी काम में लगा रहता है।”

डूब प्रभावितों के साथ शिवराज सरकार का व्यवहार अंग्रेजों जैसा : मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय ङ्क्षसह ने मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह और प्रदेश सरकार पर नर्मदा डूब प्रभावितों और आंदोलनकारियों के साथ अंग्रेजों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष कार्यालय से आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्री ङ्क्षसह ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री आंदोलनकारियों के साथ नरमी से पेश आने का निर्देश देते हैं, दूसरी ओर वहां पर दहशत फैलाने के लिए भारी सुरक्षाबल तैनात कर रखा है।

उन्होंने कहा कि बड़वानी सहित डूब प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने आंदोलनकारियों के विरुद्ध जो तैयारी की है, उससे लगता है कि वहां पर युद्ध होने वाला हो। श्री ङ्क्षसह ने सरकार के 98 प्रतिशत पुनर्वास का काम पूरा होने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो वहां के डूब प्रभावित आंदोलन के लिए सड़क पर क्यों उतरे हैं।  उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्वास को लेकर जो भी तथ्य दे रही है, वह फर्जी और जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री गुजरात के हितों का संरक्षण करने के लिए, प्रदेश की जनता से विश्वासघात कर रहे हैं।