1993 के मुंबई बम ब्लास्ट का दोषी मुस्तफा डोसा की मौत


1993 के मुंबई बम ब्लास्ट के दोषी मुस्तफा डोसा की मौत हो गई है। मंगलवार की रात 1 बजे के दौरान मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद दोसा के सीने में अचानक दर्द हो गया था जिसके बाद दोसा को जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुस्तफा को उच्च रक्तचाप और शुगर की शिकायत थी। डोसा का करीब 3 घंटे तक अस्पताल में इलाज चला था।

इसके बाद उसे वापस जेजे अस्पताल से आर्थर रोड जेल भेजा गया था। उसने टाडा कोर्ट को अपनी हार्ट प्रॉब्लम के बारे में भी बताया था। इसे ब्लास्ट केस में उसे फांसी की सजा भी मिल सकती थी। डोसा की तबियत खराब होने की खबर सुनते ही जेलर से लेकर कई आलाधिकारियों ने जेजे अस्पताल तक दस्तक दी थी।

लेकिन, कैमरे पर कोई कुछ नहीं कहना चाह रहा था। डॉक्टर ने बताया कि अनियंत्रित हाइपरटेंशन और सीने में दर्द के साथ इनफेक्शन हो गया था, इसलिए उसका इलाज किया गया। जेल के अस्पताल में उसने दम तोड़ा है। गौरतलब है कि 1993 ब्लास्ट की सुनवाई अभी चल रही है।

वरिष्ठ वकील उज्वल निकम ने मरते दम तक जेल में रहने की सजा की मांग की थी। 1993 ब्लास्ट को लेकर फैसले का इंतजार है। तबीयत खराब होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो वहां सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई थी। दोसा को 2004 में गिरफ्तार किया गया था।