कोर्ट ने खारिज की कासकर की घर के खाने की मांग वाली याचिका


मकोका की एक विशेष अदालत ने भगोड़ा डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने कई बीमारियां होने की बात कहते हुए जेल में घर के बने खाने की मांग की थी। पुलिस ने पिछले साल 18 सितंबर को उसे दाऊद के नाम पर जबरन वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

विशेष न्यायाधीश (मकोका) ए एस भाईसारे ने पाया कि कासकर को डॉक्टर की ओर से कोई विशेष आहार देने के लिए नहीं कहा गया है और इसलिए उसकी याचिका खारिज की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कासकर ने अपनी याचिका में इसके लिए कोई विशेष आधार पेश नहीं किया है।

हाल ही में सुनाए अपने फैसले में न्यायाधीश ने कहा, कोई अपनी मर्जी, पसंद या इच्छा से व्यवहार नहीं कर सकता। कासकर ने अपनी याचिका में मधुमेह, रक्तचाप होने एवं चक्कर आने के साथ उपचार जारी होने का हवाला देते हुए अदालत से न्यायिक हिरासत में उसे घर का बना खाना दिए जाने की अपील की थी। उसने कहा था कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए उसे घर के बने खाने की जरूरत है।

कासकर ने यह दलील भी दी कि इससे पहले जब वह 2003 से 2007 के दौरान मुंबई के सेंट्रल जेल में था तो उसे वहां घर के खाने की सुविधा मिली थी और उसने इस सुविधा का कभी दुरूपयोग नहीं किया। अभियोजन पक्ष ने आवेदन का विरोध करते हुए कि जेल परिसर में भोजन और दवाइयों की सुविधा मौजूद है। ठाणे पुलिस की अपराधिक शाखा ने कासकर को अन्य लोगों के साथ 18 सितंबर को दाऊद इब्राहिम के नाम पर शहर के बिल्डरों से पैसे और चार फ्लैट वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

कासारवडवली पुलिस थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 384, 386 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। कासकर पर कड़ा संगठित अपराध विरोधी कानून मकोका के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। कासकर को वर्ष 2003 में दुबई से निर्वासित किया गया था। ऐसा माना जाता है कि वह मुंबई में अपने भाई दाऊद इब्राहिम का रियल स्टेट का व्यापार चलाता था।

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