सामूहिक बलात्कार-हत्या मामले में तीन लोगों को मौत की सजा


Law and Order

पुणे:  एक विशेष अदालत ने आज आठ साल पहले अपहरण और सामूहिक बलात्कार के बाद 28 साल की एक साफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या मामले में तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश एल एल येनकर ने आठ साल पुराने सनसनीखेज सामूहिक बलात्कार हत्या मामले में योगेश राउत, महेश ठाकुर ऐर विश्वास कदम को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई। तीनों को कल दोषी ठहराते हुए अदालत ने चौथे आरोपी को बरी कर दिया था जो इस मामले में सरकारी गवाह बना था।

खरड़ी की एक आईटी फर्म में काम करने वाली पीडि़ता का सात अक्तूबर 2009 की शाम को खरड़ी बाईपास से उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह घर जाने के लिये बस का इंतजार कर रही थी। पुणे जिले के खेड़ तहसील के जारेवाड़ी वन क्षेत्र से दो दिन बाद उसका शव बरामद हुआ था। तीनों दोषियों को अपहरण, सामूहिक बलात्कार, हत्या, लूटपाट, समान आशय के साथ आपराधिक साजिश रचने के बाद संपत्ति के गबन के आरोपों में दोषी ठहराया गया था।

(भाषा)