डिजिटल क्रांति के कारण कैशलेस अर्थव्यवस्था से भ्रष्टाचार में कमी आयेगी : नकवी


मुम्बई: मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि भारत में ”डिजिटल क्रांति” विकास को ‘सर्वस्पर्शी, समावेशी एवं पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और इसके कारण कैशलेस डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी क्योंकि ज्यादातर भ्रष्टाचार की गतिविधयां नगद लेन देन में होती है। विभिन्न अनुसूचित एवं को-आपरेटिव बैंको के प्रतिनिधियों के एक सम्मेलन में नकवी ने कहा कि मोदी सरकार की डिजिटल क्रांति से विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं को हर जरूरतमंद तक बिना किसी रोक-टोक के पहुंचाने में मदद मिली है।

नकवी ने कहा कि भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से एक है जहां इतने कम समय में डिजिटल व्यवस्था को जन-जन तक पहुंचाया गया है। डिजिटल इंडिया के तहत सरकारी विभागों को देश की जनता से जोडऩा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागज के इस्तेमाल के सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से जनता तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना का एक उद्देश्य ग्रामीण इलाकों को हाई स्पीड इंटरनेट के माध्यम से जोडऩा भी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत केंद, सरकार 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ रही है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद, मोदी के इस अभियान का मकसद देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलना है। डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत को ‘लेस कैश इकोनॉमी’ बना रही है। देश में डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन एवं मोबाइल बैंकिंग की व्यवस्था सफल हो रही है। नकवी ने कहा कि डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन एवं मोबाइल बैंकिंग की व्यवस्था भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया एक और मजबूत अभियान है।