महाराष्ट्र के किसानों का आंदोलन जारी, सब्जियों की कमी से मुंबई में संकट


मुंबई में विभिन्न मांगों को लेकर महाराष्ट्र के किसानो का आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी है। आंदोलन जारी रहने से लोगों को सब्जियों की कमी हुई और इसकी कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई। नवी मुंबई कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) में सूत्रों के मुताबिक राज्य की राजधानी में दूध की आपूर्ति काफी हद तक अप्रभावित रही, हालांकि किसानों की प्रतिक्रिया के डर से सब्जियां लाने वाले वाहनों की संख्या में कमी देखी गई।

कल आंदोलनरत किसानों ने शहर में सब्जियों एवं दूध को हाईवे पर बहाया था। औसतन हर दिन 7,000 टन सब्जियां नवी मुंबई एपीएमसी पहुंचता है, जो कि मुंबई का मुख्य आपूर्तिकर्ता है। नासिक जिले में आज दूध एवं सब्जियों को ले जा रहे वाहनों को रोकने की कुछ घटनाओं की रिपोर्ट मिली। पुणे, अहमदनगर और नासिक जिलों के कई इलाकों से किसानों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया। हालांकि यह आंदोलन की अगुवाई मुख्य तौर पर कार्यकर्ताओं ने की थी।

हालांकि सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी राजू शेट्टी नीत स्वाभिमानी शेतकरी संघटना जैसे दलों ने आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया। आंदोलनरत किसान कृषि कर्ज माफी और अपने उत्पाद के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मंजूरी सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। नासिक में किसान सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे के लिये जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे मुंबई और नागपुर को जोडऩे का काम करेगा।